Sunday, February 2, 2020

यात्रियों के फीडबैक पर अमल नहीं, सिक्योरिटी सिस्टम को सुधार लिया होता; तो रन-वे तक नहीं पहुंच पाता योगेश

भोपाल .राजाभोज एयरपोर्ट पर यात्री खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते। यहां सिक्योरिटी जांच के नाम पर खाानापूर्ति की जाती है। कुछ ऐसा ही फीडबैक कस्टमर सेटिस्फेक्शन सर्वे (जुुलाई - दिसंबर 2019 ) में यात्रियों ने दिया था, लेकिन एयरपोर्ट प्रबंधन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इस लापरवाही का नतीजा रविवार को देखने को मिला। जब 1100 क्वार्टर निवासी योगेश त्रिपाठी एयरपोर्ट पर हेलिकॉप्टर में तोड़फोड़ कर टेकऑफ के लिए रनवे पर आ रही स्पाइसजेट की भोपाल-उदयपुर फ्लाइट के सामने आ गया था।


वायर फेंसिंग में सेंसर नहीं.. रनवे को सुरक्षित करने के लिए स्टेट हैंगर के रेस्ट हाउस के पास वायर फेंसिंग की है। लेकिन, इसमें सेंसर नहीं लगाया है। इसके चलते योगेश, वायर फेंसिंग के लिए लगाए गए खंभे पर चढ़ा तो ऑटोमेटिक सायरन नहीं बजा। जबकि एयरपोर्ट के रनवे के आसपास की फेंसिंग में सेंसर होना जरूरी है।


चेकपोस्ट पर कैसी निगरानी... योगेश ने बाउंड्रीवाॅल से एयरपोर्ट में प्रवेश किया। वहां जंगल है। सीआईएसफ का चेकपोस्ट भी है। इस पर एक जवान लगातार निगरानी करता है। योगेश जंगल के रास्ते होते हुए एयरपोर्ट तक पहुंच गया, लेकिन उस पर किसी की नजर तक नहीं पड़ी।


विमान पार्किंग से निकल टैक्सी अाउट एरिया में ही पहुंचा था...
स्पाइसजेट के अफसरों ने बताया कि फ्लाइट, यात्रियाें काे लेकर टेक अाॅफ के लिए रनवे पर जा रही थी। विमान पार्किंग से निकलकर टैक्सीअाउट एरिया में ही पहुंचा था, तभी पायलट काे रनवे से विमान की अाेर दाैड़ता हुआ युवक दिखाई दिया। पायलट ने विमान के ब्रेक लगाने के साथ ही दाेनाें इंजन भी बंद कर दिए। इससे विमान रनवे पर युवक के नजदीक पहुंचने से पहले रुक गया। नतीजतन बड़ा हादसा टल गया।

तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे में लगाई सेंध

  • शाम 4:40 बजे अरेरा काॅलाेनी 1100 क्वार्टर के याेगेश त्रिपाठी ने स्टेट हैंगर के गेट से एयरपाेर्ट में घुसपैठ की।
  • एयरपाेर्ट अाैर स्टेट हैंगर के तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे में सेंध लगाकर रनवे तक पहुंचा।
  • डीअाईजी इरशाद वली मामला सामने आने के बाद स्टेट हैंगर अाैर एयरपाेर्ट का इंस्पेक्शन करने पहुंचे। घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद रहे एसएएफ अाैर सीअाईएसएफ के अफसराें से मामले की जानकारी ली।
  • शाम 7:50 को स्पाइसजेट की भाेपाल - उदयपुर फ्लाइट रवाना की गई।
  • सीअाईएसएफ ने रात 9 बजे याेगेश काे पूछताछ के लिए गांधी नगर पुलिस काे साैंपा।
  • पुलिस ने दाे घंटे लगातार पूछताछ की। पूछताछ में युवक का व्यवहार असामान्य हाेने पर मेडिकल जांच के लिए डाॅक्टर काे बुलाया।
  • जीएमसी के सायकेट्री विभाग के प्रमुख डाॅ. जेपी अग्रवाल ने बताया कि गांधी नगर पुलिस थाने में याेगेश त्रिपाठी की मेडिकल जांच की है। शुरुअाती जांच के अाधार पर उसकी मानसिक स्थिति के बारे में कुछ भी कहना संभव नहीं है। पुलिस काे याेगेश की सायकाेमेट्रिक असेसमेंट (सायकाेमेट्रिक टेस्ट) कराने की सलाह दी है।

इन पैरामीटर्स पर 6 माह में पिछड़ गया एयरपोर्ट

पैरामीटर्स जनवरी-जून 19 जुलाई-दिसंबर 19 अंतर
सुरक्षा जांच की संपूर्णता 4.61 4.54 0.07
सुरक्षा जांच के दौरान प्रतीक्षा समय 4.57 4.39 0.18
सुरक्षित और संरक्षित होने की भावना 4.70 4.57 0.13

शाम 4 बजे...बाल काटने की मशीन वापस करने का कहकर निकला था घर से

तोड़फोड़ के बाद...हेलिकाॅप्टर केअंदर बिखरा पड़ा सामान

####योगेश जो शायरी लिखता है और जो नॉवेल पढ़ता है, उनमें कैंसर, प्यार और जिंदगी की बातें

द फाॅल्ट इन अवर स्टार्स

अगर कैंसर किसी काे कम उम्र में हाे जाए ताे उसके सारे सपने अाैर इच्छाएं इससे दब जाती हैं। लेकिन, जिंदगी में प्यार हाे ताे बचा हुअा थाेड़ा वक्त भी बहुत खूबसूरत लगने लगता है। द फाॅल्ट इन अवर स्टार्स टीनएजर्स की एेसी ही स्टाेरी है। जॉन ग्रीन के इस नाॅवेल पर फिल्म भी बन चुकी है। याेगेश कुछ दिनाें से यही नाॅवेल पढ़ रहा था।

लिखा...और यूं जला दिया

लिखता हूं कुछ बातें...
जाे तुमसे हाेकर गुजरती हैं...
जैसे बरसात की बूंदें...
गिर तुम पर निखरती हैं...
जाे तुमसे हाेकर
गुजरती हैं...

तेरा साथ हाेना एक ख्वाब सा लगता है...
हर माैसम जैसे बरसात सा लगता है...
क्यूं पास नहीं तुम मेरे, अब ताे हर एक पल बीता हुअा साल सा लगता है।



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वेटिंग लॉबी में जाते हुए यात्री ।


source https://www.bhaskar.com/mp/bhopal/news/the-security-system-would-have-been-improved-not-implementing-passenger-feedback-so-yogesh-could-not-reach-the-runway-126656615.html

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