Sunday, February 2, 2020

आदिवासी पहाड़ खोदकर रास्ता बना रहे, ताकि बच्चे रोज स्कूल जा सकें

आलीराजपुर/इंदौर . (कपिल भटनागर)मप्र के आलीराजपुर जिला के अंजनवाड़ा में बच्चों के सामने स्कूल पहुंचने के लिए दो ही विकल्प हैं। पहला- नर्मदा पर नाव से 15 किमी दूर सकरजा, वहां से फिर 25 किमी पहाड़ी रास्ते से पैदल मथवाड़ पहुंचना। या फिर अंजनवाड़ा से पहाड़ी रास्ते से चलते हुए 35 किमी दूरी तय करना। दोनों ही स्थिति तकलीफदेह हैं। समय भी 6 घंटे लगता है। पर यहां के आदिवासी समुदाय ने इस समस्या को खत्म करने का बीड़ा उठा लिया है।


यहां के लोग मिलकर पहाड़ का सीना चीर रहे हैंं, ताकि अंजनवाड़ा को सीधे सकरजा से जोड़ा जा सके। फिर खुद वाहन खरीद लें और बच्चे आसानी से स्कूल आ-जा सकें। ग्रामीण बारी-बारी से पहाड़ खोद रहे हैं। यहां के बच्चे भी इसी काम में लगे रहते हैं। अंजनवाड़ा में पले-बढ़े और अब इंदौर में पढ़ रहे किशोर पड़ियार बताते हैं कि यहां मेरे साथी और परिवार के लोग हर दिन सुबह होते ही गैती-फावड़ा लेकर निकल पड़ते हैं। सभी ने समिति बनाई है, जिसमें अलग-अलग दिन के हिसाब से पहाड़ खोदने का समय तय कर रखा है। सरकारी मदद नहीं है, इसलिए पगडंडी ही बना रहे हैं। इस पगडंडी को ही सकरजा की सड़क सेे जोड़ देंगे। इंदौर से बीएससी कर रहे शंकर ने बताया कि पहाड़ी के नीचे हमारे खेत थे। गुजरात में बांध बना, तो नर्मदा के पानी से सब डूब गया। बड़ी मुसीबत तब होती है, जब कोई बीमार हो जाता है। मरीज को उठाकर कई किमी चलते हुए सकरजा, फिर वहां से गाड़ी से आलीराजपुर जाना पड़ता है। नए रास्ते से ये समस्या दूर हो जाएगी।


गांव के ही रोहित पड़ियार पटवारी हैं। वहीं जामा पड़ियार टीचर, नर्सिंग पड़ियार पंचायत में सहायक मंत्री हैं। यहां के युवा आलीराजपुर, भोपाल, बड़वानी में पढ़ाई कर रहे हैं। रोहित बताते हैं कि हमें भी दिक्कतें आती थीं। अभी भी कई बार बच्चों की छुट्‌टी करनी पड़ती है। यहां सिर्फ प्राइमरी स्कूल है। बाकी की पढ़ाई के लिए तो बाहर जाना ही पड़ता है।



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आदिवासी समुदाय ने इस समस्या को खत्म करने का बीड़ा उठा लिया है।


source https://www.bhaskar.com/mp/indore/news/tribals-keep-digging-the-mountain-so-that-children-can-go-to-school-every-day-126656614.html

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