
जादू के नाम पर अंधविश्वास फैलाने वाले ढोंगी बाबाओं का सच स्कूली बच्चे भी समझ गए हैं। सरकारी स्कूल के 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी भी अब ये बता देंगे कि फोटो से भभूत गिराना या हवा में हाथ हिलाकर भभूत निकालना, फूलों से रंग गायब करना जादू नहीं बल्कि विज्ञान का चमत्कार है। गुरुवार शासकीय बालक उत्कृष्ट उमावि में विकासखंड स्तरीय विज्ञान मेला जादू नहीं विज्ञान है, समझना समझाना आसान है का कार्यक्रम हुआ। इसमें विकासखंड के सभी हाई स्कूल व हायर सेकंडरी स्कूल के छात्र शामिल हुए। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत बच्चों और समाज में विज्ञान के प्रति जागरुकता फैलाने व अंधविश्वास से दूर रहने के लिए यह कार्यक्रम हुआ। इसमें पानी में आग लगाए बिना आग के हवन जलाना, आग लगाकर कपूर खाना, अंधविश्वास से बचने के लिए नाटिका का मंचन व अन्य कार्यक्रम हुए। प्राचार्य कैलाश खांडेकर ने अंधविश्वास से बचने की सीख दी। शिक्षिका जयश्री उपाध्याय ने बच्चों को विज्ञान के प्रति जागरुकता फैलाने की बात कही। रसायन विज्ञान के शिक्षक डॉ. रजनीश पांडेय ने कपूर को हाथ पर जलाकर दिखाया और छात्रों से अंधविश्वास के प्रति जागरूक रहने की बात कही। डॉ. रजनीश पांडेय ने प्रश्नमंच का आयोजन किया। इसमें हाई स्कूल खंगवाड़ा प्रथम व हाईस्कूल टोक्सर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इस दौरान राजू भालसे, विनोद जायसवाल, अनिल तायड़े, कालूराम वर्मा, जयंत साधौ, अनिता गुप्ता, सावित्री वर्मा, जावेद खान, ऋषभ चंद्रे, सुधीर राठौर मौजूद थे।
विज्ञान के माध्यम से जादू दिखाते शिक्षक।
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source
https://www.bhaskar.com/mp/khargon/news/mp-news-miracles-of-science-taught-the-students-not-magic-to-eradicate-superstition-073040-6000798.html
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