मंडलेश्वर एसडीएम कोर्ट की तरह करही तहसील कार्यालय में भी एसडीएम आनंदसिंह राजावत ने नवंबर माह की पहली लिंक कोर्ट गुरुवार को लगाई। पहली लिंक कोर्ट में एसडीएम के समक्ष पिपल्या खुर्द, खेगांव, पलसूद, पालदा, बंडेरा, सुरता गांव के मामलों की सुनवाई की गई। इसमें करीब 11 मामले आए। इसमें से 4 मामलों में पक्षकारों के कथन अंकित कर कार्रवाई के लिए आदेश दिए गए। शेष प्रकरणों में अपील मेमो के जवाब व वकील पत्र पेश किए गए।
एसडीएम लिंक कोर्ट में पहला प्रकरण दो भाईयों के बीच खेत के रास्ते को लेकर प्रस्तुत किया गया। अधिवक्ता अजय वर्मा ने बताया रणछोड़ पिता पाचीलाल ने खेत में रास्ते का प्रकरण पेश किया था। इसमें उसका भाई श्रीराम पिता पाचीलाल प्रकरण में उपस्थित हुए। एसडीएम ने दोनों पक्षों की पहली पेशी लगाई। इसके आधार पर आगामी तारीख देकर निराकरण करने की बात कही गई। एसडीएम आनंद राजावत ने बताया करही टप्पा कार्यालय में लिंक कोर्ट लगने से नगर सहित तहसील कार्यालय के अंतर्गत आने वाले 70 गांवों के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। लिंक कोर्ट हर महीने के पहले और तीसरे गुरुवार को करही टप्पा कार्यालय में लगाई जाएगी।
लिंक कोर्ट में सुनवाई करते एसडीएम आनंदसिंह राजावत।
पहाड़ी क्षेत्र पेमपुरा, रमजानपुरा, रामदड, रोशयाबारी गांवों से जुड़ेगा सीधा संपर्क
नवीन भू राजस्व संहिता 1959 संशोधन 2018 में धारा 115 में रिकार्ड संशोधन के अधिकार अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को दिए गए हैं। ऐसे सभी प्रकरणों में तहसीलदार की रिपोर्ट अनिवार्यता ली जाना होती है। अतिरिक्त तहसीलदार करही कार्यालय की अनुविभाग मंडलेश्वर से 25 किमी दूरी है। ऐसी स्थिति में अपीलीय प्रकरणों में पक्षकारों को करही क्षेत्र के दूर-दराज से आवागमन करना पड़ता है। ऐसे में पक्षकारों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। दूसरी ओर मंडलेश्वर राजस्व कोर्ट में मंडलेश्वर व महेश्वर से ज्यादा मामले करही क्षेत्र से आते थे। यह कुछ मामलों का एक तिहाई है। प्रकरणों में भी अधीनस्थ न्यायालय से त्वरित संपर्क ना हो पाने से देरी होती है। करही नगर के अलावा दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्र पेमपुरा, रमजानपुरा, रामदड, रोशयाबारी गांवों का सीधा संपर्क होगा। लिंक कोर्ट के लगने से मामलों का जल्द निपटारा होगा। साथ ही ग्रामीणों के समय व रुपए की भी बचत होगी।
राजस्व पक्षकार को नहीं जाना पड़ेगा मंडलेश्वर, समय व रुपए की होगी बचत
लिंक कोर्ट में आई प्रेमबाई पिता भगवान ने बताया कोर्ट के लगने से खुश हूं। मुझे प्रकरण के निराकरण के लिए हर माह मंडलेश्वर जाना पड़ता था। इससे एक बार में ही 300 से 400 रुपए का खर्च आता था। करही में कोर्ट लगने से इस खर्च व समय की बचत हुई। लोगों ने बताया कि एसडीएम का यह निर्णय लोगों के लिए फायदेमंद होगा। लोगों को मंडलेश्वर तक चक्कर लगाने से निजात मिलेगी। कम समय में मामलों का निपटारा भी होगा।
...और इधर, नेशनल लोक अदालत में विद्युत प्रकरणों और करों में दी जाएगी छूट
मंडलेश्वर | नेशनल लोक अदालत का आयोजन 14 दिसंबर को किया जाएगा। जिला न्यायाधीश व अध्यक्ष बीआर पाटिल के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय मंडलेश्वर, तहसील न्यायालय बड़वाह, सनावद, भीकनगांव, खरगोन, कसरावद व महेश्वर में नेशनल लोक अदालत लगाई जाएगी। लोक अदालत में बिजली के प्रीलिटिगेशन व लंबित प्रकरणों के निराकरण पर निम्न दाब श्रेणी के चयनित श्रेणी उपभोक्ताओं के लिए विशेष छूट घोषित की गई है। नगरपालिका द्वारा जलकर के मामलों में कर व अधिभार की राशि 10 हजार रुपए तक बकाया होने पर अधिभार में 100 प्रतिशत की छूट, 10 हजार से 50 हजार तक अधिभार में 75 प्रतिशत की छूट व 50 हजार से अधिक पर अधिभार में 50 प्रतिशत की छूट नियमानुसार एक बार दी जाएगी। संपत्ति कर के मामलों में कर व अधिभार की राशि 50 हजार तक बकाया होने पर अधिभार में 100 प्रतिशत की छूट, 50 हजार से 1 लाख तक अधिभार में 50 प्रतिशत की छूट व 1 लाख से अधिक पर अधिभार में 25 प्रतिशत की छूट नियमानुसार एक बार दी जाएगी। छूटों के लाभ व बिजली प्रकरणों के संबंध में संबंधित बिजली कंपनी, जलकर व संपत्ति कर के संबंध में संबंधित नपा, नगर पंचायत या न्यायालय में संपर्क कर अपने प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण करा सकते हैं।
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source https://www.bhaskar.com/mp/khargon/news/mp-news-hearing-of-the-ongoing-dispute-between-the-2-brothers-in-the-first-link-court-073035-6000795.html
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