Sunday, November 29, 2020

हरिहर मिलन के साथ शाम को नदी में आस्था के दीप प्रवाहित

कार्तिक शुक्ल वैकुंठ चतुर्दशी के अवसर पर रविवार को नेवज नदी के साथ ही जिलेभर के जलाशयों व सरोवरों में श्रद्धालुओं ने दीपदान किया। इस दीपदान का शास्त्रों में विशेष महत्व बताया गया है। पंडितों के अनुसार वैकुंठ चतुर्दशी व पूर्णिमा पर जलाशयों में दीपदान करने से श्रद्धालुओं के जीवन में आने वाली व्याधियां दूर होती हैं। इस पर्व को भगवान विष्णु व लक्ष्मी का महापर्व भी बताया गया है। वहीं, इस दिन हरिहर का मिलन भी होता है। हरि (विष्णु) का हर यानी महादेव से मिलन का मास भी कार्तिक को माना जाता है। पंडितों का कहना है कि इस त्योहार को श्रेष्ठ माना जाता है। चातुर्मास के बाद कार्तिक मास पूरा होता है और कई श्रद्धालु इसे संतान, दांपत्य के बीच आने वाली परेशानियों को दूर करने वाला महीना भी कहते हैं। इसके लिए मंदिरों में विशेष श्रंगार किया गया। इस दिन श्रद्धालु कार्तिक के महीने के दौरान सुबह स्नान कर पूजन-अर्चना किए। वहीं पूर्णिमा को पवित्र नदियों में स्नान के बाद जरूरतमंदों को दान किया। इसके साथ ही वैकुंठ चतुर्दशी को शहर में शाम के समय नेवज नदी में दीप दान भी किया है।



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Deeps of faith flowed in the river in the evening with Harihar union


source https://www.bhaskar.com/local/mp/bhopal/rajgarh/news/deeps-of-faith-flowed-in-the-river-in-the-evening-with-harihar-union-127963809.html

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