बुधवार को देवउठनी एकादशी से एक बार फिर शहनाइयां गूंजने लगेंगी, लेकिन कोरोना के कारण शादी समारोहों में बड़े बदलाव हो गए हैं। कलेक्टर के आदेश के बाद शादी के आयोजन की परमिशन के लिए लोग दूसरे दिन मंगलवार को भी थानों के चक्कर लगाते रहे। सुबह से रात तक थानों में लोग पहुंचते रहे। दिनभर में शहर के 36 थानों में करीब एक हजार परमिशन दी गई। कुछ जगह तो आधे घंटे के अंदर पावती मिली तो कुछ जगह दस मिनट में भी काम हो गया।
सोमवार को कलेक्टोरेट में लगी भीड़ की तरह थानों पर राहत रही। इसका बड़ा कारण यह रहा कि संबंधित क्षेत्र के थाने के कारण भीड़ बंट गई। सोमवार और मंगलवार को सबसे ज्यादा परमिशन विजय नगर थाना पुलिस ने दी है। यहां पुलिस ने सौ से ज्यादा लोगों को दो दिन में पावती दे दी है। सोमवार को यहां खासी भीड़ थी।
उसके बाद परदेशीपुरा में 20, बाणगंगा में 12, कनाड़िया में 3, चंदननगर में 8, राजेंद्र नगर में 9, हीरानगर में 10, लसूड़िया में 13, पलासिया में 4, छोटी ग्वालटोली में 1, एमजी रोड में 4, सदर बादार में 4, मल्हारगंज में 12, भंवरकुआं में 17, जूनी इंदौर में 11, एरोड्रम में 9, गांधी नगर में 7 सहित अन्य थानों में एक दिन में पावती दी गई हैं। इसके अलावा कई लोगों ने तो पहले ही एसडीएम कार्यालय में आवेदन कर दिया, जहां से भी परमिशन जारी हो गई। इसमें सबसे ज्यादा परमिशन 25 और 26 नवंबर की है।
इधर, समय बचाने के लिए शादियों में बढ़ा डिस्पोजेबल का उपयोग : शादियों में कोरोना गाइडलाइन का विपरीत प्रभाव भी देखने को मिल रहा है। शादियों में भोजन के लिए केटरर्स ने डिस्पोजेबल उत्पादों का उपयोग बढ़ा दिया है ताकि बर्तनों को साफ करने में लगने वाला समय बच सके। अधिकतर जगहों पर खाने के लिए प्लेटें तो साधारण ही उपयोग में आ रही हैं लेकिन चम्मच, कटोरियां और पानी के ग्लास का ज्यादा उपयोग दिख रहा है। केटरर्स के मुताबिक खाना खत्म होने के बाद बर्तन साफ करने में ज्यादा समय और कर्मचारी लगते हैं। डिस्पोजेबल के उपयोग से समय बचेगा और तय सीमा के भीतर काम खत्म कर सकेंगे।
सारी रस्में घर पर, सिर्फ रिसेप्शन के लिए गार्डन
गुमाश्ता नगर में प्रेम प्रजापत के घर के बाहर मंच लगा है। कुर्सियों पर कुछ मेहमान बैठे थे। सामने ही सोफे पर उनकी बहन बैठी थी। उसे हल्दी लगाई जा रही है। महिलाएं गीत भी गा रही थी। मेहमान सीमित ही थे। घर के बाहर लगा मंच भी इशारा कर रहा था कि शादी की कई रस्में घर पर ही हैं। पूछा तो उन्होंने बताया कुछ ही दिनों के अंतराल में दो शादियां हैं। कोरोना के कारण कई रस्मों को छोटे रूप में करना पड़ रहा है। सिर्फ रिसेप्शन के लिए गार्डन बुक किया है।
मई में शादी टाली थी, इस बार 200 से 250 मेहमान बुलाए
अग्रवाल नगर निवासी सुबोध मूणत। 28 नवंबर को बेटी की शादी हैं। कोरोना के कारण मई में शादी टाल दी थी। उन्होंने बताया कि कोरोना को देखते हुए दो सौ से ढाई सौ लोग ही बुलवाए हैं। समारोह स्थल बड़ा लिया है, ताकि सोशल डिस्टेंसिंह बनी रहे। शादी के पहले की रस्में घर पर ही की। महिला संगीत भी भीड़ नहीं जुटाई। अस्सी फीसदी रिश्तेदारों ने भी इस बात का समर्थन किया कि कम से कम मेहमानों को बुलाया जाए, क्योंकि सुरक्षा जरूरी है।
1200 लोगों को बुलाया था, अब आधे से कम की तैयारी
विदुर नगर निवासी सुनील गोस्वामी के बेटे की शादी 7 दिसंबर को है। उन्होंने बताया कि कानपुर ग्वालियर, गुना, भोपाल से कई रिश्तेदारों को निमंत्रण दिया था। 8 दिसंबर को रिसेप्शन है। 12 सौ लोगों को आमंत्रित किया था। नई गाइडलाइन आने के कारण सारी तैयारियों में बदलाव करना पड़ रहा है। बारात के लिए बस बुकिंग कैंसल की है। 75 की जगह 20 लोग अपनी गाड़ियों से बारात में जाएंगे। केटरर को भी अब ढाई सौ लोगों के खाने का ऑर्डर दिया है।
विवाह पत्रिका के अंतिम पन्ने पर मास्क लगाने, दो गज की दूरी रखने की अपील
पत्रिका के आखिरी में कोरोना की पांच सावधानियां लिखी हैं। लिखा है कि मास्क जरूर लगाएं, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, सैनिटाइजर का प्रयोग समय-समय पर करते रहें इसके अलावा यदि सर्दी, खांसी, बुखार जैसी कोई समस्या है तो कृपया घर पर रहकर स्वयं का ख्याल रखें। सबसे जरूरी वाक्य समय का विशेष ध्यान रखें।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/the-rounds-of-police-stations-planted-from-morning-to-evening-1-thousand-permissions-in-a-day-maximum-100-in-vijay-nagar-127945575.html
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