आचार्य विद्यासागर महाराज की चातुर्मास स्थली रेवती रेंज में 50 ज्यादा कोरोना पॉजिटिव आने के बाद प्रशासन और ट्रस्ट ने सख्ती कर दी है। कोरोना की रिपोर्ट नेगेटिव आने वालों श्रावकों को ही स्थली में प्रवेश दिया जा रहा है। फिलहाल यहां 35 श्रावक ही मौजूद हैं।
दयोदय चेरिटेबल ट्रस्ट से मिली जानकारी के मुताबिक आचार्यश्री सहित 13 साधुगण विराजमान हैं। वे सभी स्वतंत्र रूप से अलग-अलग कमरे में रहते हुए आत्मध्यान, स्वाध्याय एवं सामायिक में लीन रहते हैं। सिर्फ आहारचर्या एवं नित्य क्रियाओं के लिए कमरे से बाहर आते हैं। स्वयं को सुरक्षित रखते हुए धर्म ध्यान करते हैं। सभी साधु-संत 24 घंटे में सिर्फ एक बार आहार एवं जल ग्रहण करते हैं, जिसके लिए वे किसी बर्तन का प्रयोग न कर अपने दोनों हाथों की अंजुली में ही आहार ग्रहण करते हैं। इस क्रिया में आहार देने वाले श्रावक एवं साधुओं के बीच 2 से 3 फीट की दूरी रहती है।
सभी साधुओं के चरणों को स्पर्श करना मना है
कोरोना काल शुरू होने से अभी तक साधुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए श्रावकों द्वारा सभी साधुओं के चरणों को स्पर्श करना मना है। सभी साधु एलोपैथिक दवाई का आजीवन त्याग रखते हैं। चाहे कितनी भी विकट या विपरीत परिस्थिति हो। विशेष परिस्थिति में सूखा आंवला व आयुर्वेदिक औषधि ही लेते हैं।
दूर से ही कर रहे दर्शन
समस्त जैन समाजजन दूर से ही दर्शन लाभ ले रहे हैं। सभी जैन साधुओं की दिनचर्या ही अपने आप में परफेक्ट आइसोलेशन है। उन्हें अन्य किसी प्रकार के आइसोलेशन की आवश्यकता नहीं होती है। यहां विराजमान सभी साधु कोरोना से सुरक्षित एवं स्वस्थ हैं। सुरक्षा को देखते हुए श्रावकों, कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी, सफाईकर्मी, गार्ड सहित सभी लोगों की जांच कराई जा चुकी हैं। श्रावकों की जांच भी जारी है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/entry-into-revathi-range-only-after-showing-investigation-report-a-distance-of-3-feet-in-the-dietary-listeners-and-sadhus-127679940.html
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