हर बारिश में मेंटेनेंस के अभाव में उज्जैन-आगर रोड परेशानी का सबब बनता है। हर बार आम आदमी इसकी परेशानी का शिकार होता है लेकिन इस बार बसें बंद होने से खास लोगों को भी तकलीफ उठाना पड़ रही है। दरअसल हाल ही में जिले के कांग्रेस के चारों विधायकों ने प्रशासन को पत्र सौंपकर इस जर्जर मार्ग को सुधारने का आग्रह किया है। इधर जिम्मेदार एजेंसी एमपीआरडीसी के संभागीय प्रबंधक का तर्क है कि खराब हुए स्पॉट चिह्नित कर लिए हैं। सुधार कार्य करवाया जा रहा है।
इस 134 किलोमीटर लंबे मार्ग पर सामान्य दिनों में औसतन 4 हजार छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। चूंकि इस रूट पर रेल की व्यवस्था नहीं है, लिहाजा जरूरतमंद लोग इसी मार्ग पर निर्भर हैं। बावजूद इस मार्ग की हर वर्ष स्थिति खराब होती जा रही है। शुरुआत वर्ष 2017 से उस वक्त हुई जब 9 सितंबर को इस मार्ग का 15 वर्ष का बीओटी का मेसर्स अग्रोहा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड महू का ठेका खत्म हुआ। ठेकेदार मार्ग के चार टोल नाकों से प्रति माह औसतन 2.70 करोड़ वसूल करता था। ठेका खत्म होते देख वह बगैर मेंटेनेंस के इस मार्ग को एमपीआरडीसी को हैंड ओवर कर गया। बाद में प्रशासन को 19 करोड़ खर्च कर इसका डामरीकरण करवाना पड़ा था लेकिन इसके बाद मार्ग के मेंटेनेंस के लाले पड़ते रहे हैं और अब तक परेशानी जारी है।
फोरलेन प्रस्तावित पर एमपीआरडीसी ने फिक्र नहीं की
आगर रोड का यह मार्ग फोरलेन के लिए प्रस्तावित हुआ। ऐसे में एमपीआरडीसी फिक्रमंद हो गया कि अब ये मार्ग एनएचए के पास चला गया। वही इसे देखेंगे और संभालेंगे। जबकि आगे यह हुआ कि उक्त मार्ग को फोरलेन बनाया जाना उच्च स्तर से निरस्त हो गया और इसकी जगह पैरेलल उज्जैन-गरोठ फोरलेन स्वीकृत हुआ। ऐसे में एमपीआरडीसी ने इसका मेंटेनेंस करवाना शुरू किया, जो काफी नहीं है। अब ये तय हुआ है कि इस मार्ग को एनएचए 550 करोड़ की लागत से उज्जैन से आगरा की अंतिम सीमा चवली तक टेन लेन बनाएगा। इन तमाम परिस्थितियों व खींचतान के बीच मार्ग जर्जर हो चुका है। दुर्घटना का अंदेशा हमेशा बना रहता है।
आरडी-गार्डी से ही मार्ग में दिखाई देने लगते हैं गड्ढे
आरडी-गार्डी मेडिकल कॉलेज के समीप ही मार्ग मे गड्ढे दिखाई देने लगते हैं। चककमेड के पास भी स्थिति खराब है। आगे चलकर घौंसला व तनोड़िया सहित चार स्थानों पर इस मार्ग पर अक्सर बारिश का पानी भरा रहने से लंबा बेल्ट खराब गड्ढेदार व जर्जर रहता है। यहां से गुजरना जोखिम भरा होता है। ये हालत भी तब है जब संभागायुक्त आनंद कुमार शर्मा समीक्षा बैठक में जिम्मेदार अधिकारियों को मार्ग दुरुस्ती के निर्देश दे चुके हैं। वहीं तीन दिन पहले कांग्रेसी विधायक रामलाल मालवीय, महेश परमार, दिलीप गुर्जर और मुरली मोरवाल ने संयुक्त रूप से कलेक्टर को पत्र लिखकर इस मार्ग का मेंटेनेंस करवाने को कहा है।
स्पॉट चिह्नित कर लिए, सुधार कराएंगे
उज्जैन-आगर मार्ग के खराब स्पाॅट चिह्नित कर लिए हैं। उनमें सुधार का कार्य जारी है। घौंसला और तनोडिया में ज्यादा दिक्कत आ रही है।
एस के मनमानी, संभागीय प्रबंधक, एमपीआरडीसी
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ujjain/news/maintenance-on-agar-road-is-not-complete-now-it-is-uprooted-127643192.html
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