लायंस क्लब गोल्ड द्वारा ऑनलाइन कार्यशाला की गई। इसमें घर के वेस्ट सामान का स्वरूप परिवर्तित कर किस तरह बेस्ट बनाया जा सकता है। इस संबंध में रूपल संचेती ने ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया।
कोरोना वायरस के कारण सब्जियों को घर पर लाने व सैनिटाइज्ड की प्रक्रिया में सब्जियों के पाेषकतत्व बहुत हद तक नष्ट हो जाते हैं। लायंस गोल्ड ने इसी को ध्यान में रखते हुए इस बहुउपयोगी कार्यशाला का आयोजन किया। इससे घर में ही क्यारियों और गमलों में किस तरह मैथी, धनिया, सरसों, भिंडी, टमाटर आदि उगाकर हम देशी खाद से उपजी शुद्ध सब्जियों को उपयोग में ले सकते हैं, इस बारे में जानकारी दी गई।
क्लब अध्यक्ष डॉ. चंदा कोठारी ने बताया संचेती ने घर की वेस्ट खाद्य सामग्री से खाद बनाना सिखाया। उन्होंने बताया कि किस तरह एक पुराने मटके में छोटे-छोटे छेद करके उसमें पेड़ों के सूखे पत्ते, किचन से निकलने वाली बासी खाद्य सामग्री, चायपत्ती, सब्जियों के छिलके तथा दही-छाछ डालकर ढंक देने पर कुछ दिनों बाद वह वेस्ट सामग्री बेस्ट खाद में परिवर्तित हो जाएगी और वह होममेड खाद पौधों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी। घर में रखे तेल की प्लास्टिक की खाली कैन, प्लास्टिक के थैले, डिस्पोजल गिलास आदि को काटकर गमले का शेप देकर कलर व पेंट से डेकोरेट करके उनसे अपने गार्डन की सजावट की जा सकती है, उनमें मिट्टी डालकर सब्जियां उगाई जा सकती हैं।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/mandsaur/news/workshop-on-making-the-best-out-of-the-west-127556407.html
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