बारिश में हरी दिखाई देने वाले टुकराना बल्डी का स्वरूप जल्द ही बदला हुआ दिखेगा। यहां पूरे साल हरियाली छाई रहेगी। ऐसे ही आत्मविश्वास के साथ शाजापुर पुलिस ने वन विभाग के साथ बल्डी की 30 हेक्टेयर बंजर पहाड़ी पर 30 हजार से ज्यादा पौधे रोपने की तैयारी कर ली है। विशेषज्ञों के अनुसार इसमें 80 प्रतशित पौधे भी वृक्ष बन गए तो क्षेत्र के तापमान में कमी के साथ हाईवे के प्रदूषण से भी मुक्ति मिल जाएगी। पूरे क्षेत्र में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ने से वातावरण शुद्ध हो जाएगा।
शहर से करीब चार किमी दूर टुकराना बल्डी से अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद पुलिस विभाग लगातार यहां पौधारोपण कर रही है। ऐसे में इस मानसून में पुलिस के साथ वन विभाग ने भी इस क्षेत्र में अपना कदम बढ़ा दिया है। पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों ने 200 बीघा की इस सरकारी जमीन पर बड़े स्तर पर पौधारोपण की योजना बनाई। इसके बाद यहां गड्ढे करने के साथ पूरे क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए तार फेंसिंग भी कर दी गई। आरआई विक्रमसिंह भदौरिया के अनुसार इस जमीन को जब अतिक्रमण से मुक्त कराया गया था, यह गिनती के पेड़ थे। सीताफल की झाड़ियां थी, जो सीजन के समय ही दिखती थी। बारिश के तीन चार माह बाद यह पूरा स्थान वीरान हो जाता है। लेकिन अब इसे पूरा हराभरा कर दिया जाएगा।
पौधों को वृक्ष बनाने के लिए अलग प्लानिंग : आरआई भदौरिया ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में वन विभाग के अधिकारियों की भूमिका है। पौधों को जीवत रख वृक्ष बनने के लिए वन विभाग के प्लांटेशन एक्सपर्ट पौधों के लिए गड्ढे तैयार करवाए हैं। साथ ही हम भी यह प्रयास कर रहे हैं बारिश बाद पौधों को पानी देने के लिए ड्रिप सिस्टम भी लगाया जाए। गर्मी में वन विभाग अपने स्तर से पानी की व्यवस्था करेगा। हाईवे निर्माण के दौरान क्षेत्र के सैकड़ों पेड़ काट देने से यह क्षेत्र वीरान नजर आने लगा है। ऐसे में बड़े स्तर पर पौधारोपण से पर्यावरण सुधार की उम्मीद है। विज्ञान विशेषज्ञ शिक्षक ओपी पाटीदार ने बताया कि वाष्पीकरण में वृक्षों का अहम योगदान रहता है। इससे क्षेत्र का तापमान कम होने के साथ जलवायु नम होगी। इसका सबसे ज्यादा असर हाईवे से गुजरने वाले वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर पड़ेगा। वृक्षों से निकलने वाली आक्सीजन वातावरण को शुद्ध कर देगी।
ज्यादा बारिश की संभावना
शिक्षक पाटीदार ने बताया पौधारोपण से जलस्तर बढ़ने का सीधा संबंध नहीं है। वाष्पीकरण के दौरान ही बादलों का निर्माण होता है। ऐसे में जिस क्षेत्र में ज्यादा वृक्ष होते हैं वहां की जलवायु नम होने से ज्यादा वर्षा होने की संभावना होती है। यदि अच्छी बारिश हुई तो निश्चित रूप से जमीन का जल स्तर भी बढ़ जाएगा।
रेंजर रुचिका तिवारी के मुताबिक टुकराना हिल्स पर 30 हेक्टेयर में 30 हजार पौधे रोपे जाने का प्रोजेक्ट तैयार किया है। पौधों के लिए गड्ढे तैयार कर दिए हैं, जल्द ही बारिश होने के बाद पौधे भी लगा दिए जाएंगे।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ujjain/shajapur/news/if-80-percent-of-the-plants-also-become-trees-then-there-will-be-freedom-from-pollution-on-the-highway-with-a-decrease-in-temperature-127542642.html
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