Thursday, June 18, 2020

चना परिवहन न करने वाली एजेंसी न ब्लैक लिस्टेड हुई, न टीम ने जांच प्रतिवेदन पेश किया

विपणन संघ की ओर से चना परिवहन के टेंडर में हुई गंभीर लापरवाही की जांच के लिए अधिकारियों ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। 4 हजार मीट्रिक टन चना बारिश में भीगने और परिवहन न होने के मामले की जांच कलेक्टर ने तीन अधिकारियों को सौंपी थी और उन्हें तीन दिन के अंदर जांच करके प्रतिवेदन पेश करने का आदेश दिया था, मगर दल ने 15 दिन में जांच नहीं की है।
इधर विपणन संघ के अधिकारियों ने चना परिवहन का अनुबंध करके उठाव न करने वाले एजेंसी को ब्लैक लिस्टेड करने का प्रतिवेदन तक भोपाल नहीं भेजा। एक तरह से पूरा मामला अधिकारियों ने दबा दिया है। उन्होंने गंभीर लापरवाही करने वाली परिवहन एजेंसी को बचा लिया है।
यहां पर बता दें कि 3 जून को तेज बारिश के बीच जिले में तकरीबन 4 हजार 195 मीट्रिक टन चना बारिश में भीग गया था। जिला मुख्यालय से महज 7 किमी दूर रुचि वेयर हाउस के बाहर किसानों का तकरीबन 9 सौ मैट्रिक टन चना बारिश में खराब हो गया था। भीगने के पीछे जांच में पाया गया था कि जिस एजेंसी को परिवहन का ठेका दिया गया, उसने एक बार भी उठाव नहीं किया। जिस फर्म को परिवहन का काम दिया गया था, उसने पहले ही अपनी डिपॉजिट की 5 लाख रुपए की राशि निकाल ली थी और उसके बाद से काम करने से हाथ खड़े कर दिए थे।

अधिकारियों को यह बात पता होने के बाद भी उन्होंने नई एजेंसी से अनुबंध नहीं किया था। जिसके चलते खरीदी के दौरान समितियों के बाहर रखे चना का उठाव नहीं हो पाया। बारिश में भारी मात्रा में चना भीग गया। लापरवाही के लिए विपणन संघ के डीएमओ श्याम जी मिश्रा ने परिवहन ठेकेदार संजय गौतम को जिम्मेदार ठहराया था।
गौतम की परिवहन एजेंसी बीएलजी कंस्ट्रक्शन कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करने करने के लिए भोपाल प्रतिवेदन भेजने की बात कही थी, लेकिन अब तक प्रतिवेदन ही तैयार नहीं हुआ है। इसी तरह चना भीगने के मामले की जांच के लिए कलेक्टर ने डीडीए कृषि, आपूर्ति अधिकारी सहित एक अन्य अधिकारी को तीन दिन में प्रतिवेदन का आदेश दिया था। लेकिन 15 दिन बाद भी तीनों जांच अधिकारियों ने इस लापरवाही को लेकर कोई प्रतिवेदन तैयार नहीं किया। एक तरह से लापरवाही की जांच और चना परिवहन में गंभीर लापरवाही करने वाली एजेंसी के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया।

15 दिन पहले बारिश वेयर हाउस व केंद्रों पर भीगा था चना
15 दिन पहले हुई बारिश में रुचि वेयर हाउस, मुड़िया, कुंडलपुर क्षेत्र सहित अन्य खरीदी केंद्रों में बाहर रखा तकरीबन 4 हजार मीट्रिक टन चना भीग गया था। कलेक्टर तरुण राठी ने इस लापरवाही की जांच तीन दिन में करने का आदेश जारी किया था, लेकिन अधिकारियों ने मामले की जांच अब तक नहीं की है। विपणन संघ में परिवहन की एजेंसी ने पहले से डिपॉजिट मनी निकाल ली थी, इस बात की जानकारी पहले से अधिकारियों को थी, लेकिन उन्होंने इसके बाद भी लापरवाही बरती और दूसरी परिवहन एजेंसी से अनुबंध नहीं किया।

ब्लैक लिस्टेड करने के दस्तावेज अभी तैयार नहीं
विपणन संघ के प्रबंधक श्याम जी मिश्रा ने बताया कि परिवहन एजेंसी को ब्लैक लिस्टेड करने के दस्तावेज अभी तैयार नहीं हुए हैं। दस्तावेज तैयार होने के बाद ही उन्हें संचालक के पास भोपाल भेजा जाएगा। अभी उसमें समय लग रहा है।
जांच अधिकारी डीडीए कृषि आरएस शर्मा ने बताया कि अभी तक बारिश में खराब हुए चना का आंकलन नहीं हो पाया है। अभी दूसरी एजेंसी से परिवहन का काम कराया जा रहा है। फाइनल लिस्ट आने के बाद प्रतिवेदन तैयार होगा।



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source https://www.bhaskar.com/local/mp/sagar/damoh/news/the-non-transporting-agency-was-neither-blacklisted-nor-the-team-submitted-an-inquiry-report-127425236.html

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