कोविड-19 के चलते बीते 22 मार्च से लगातार जेल में बंद बंदियों से उनके परिजनों एवं अधिवक्तागणों की मुलाकात पर 30 जून तक रोक लगी हुई है। विचाराधीन एवं सजायाफ्ता बंदियों से उनके हालचाल जानने परिजनों का आना होता था, लेकिन रोक के चलते मुलाकात संभव नहीं हो पा रही थी।
वहीं दूसरी ओर अधिवक्तागणों को अपने पक्षकार से प्रकरण की आवश्यक जानकारी प्राप्त करने भी बंदियों से भेंट की जरूरत होती थी, इन सब बातों का ख्याल रखते हुए उच्च न्यायालय ने जिला अदालतों में बंदियों से जेल मुलाकात के लिए ई-मुलाकात की व्यवस्था शुरू की है, जिससे न्यायालय के एडीआर भवन में बंदी के परिजन या वकील वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जेल में बंदियों से मुलाकात कर सकते हैं।
गुरुवार को न्यायालय से जेल में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने पक्षकारों के माध्यम से पहली बार मुलाकात करने वाले अधिवक्ता मनीष नगाइच ने बताया कि उच्च न्यायालय के निर्देश पर ई-मुलाकात एक सराहनीय प्रयास है। विगत लंबे समय से बंदी अपने परिजनों अथवा वकील से बात न हो पाने के चलते अवसाद महसूस कर रहे थे, वहीं बंदियों के परिजन भी मुलाकात न हो पाने के कारण फिक्रमंद थे जो अब एक क्लिक पे मुलाकात संभव हो सकी है।
दमोह न्यायालय के सिस्टम ऑफिसर मयूर उपाध्याय ने बताया के जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुराधा शुक्ला के निर्देशन में ई-मुलाकात आरंभ हो चुकी है, जिसमें बाकायदा मुलाकात पंजी में नाम दर्ज करवाकर बन्दी के परिजनों या उनके अधिवक्तागणों को मुलाकात की अनुमति दी जा रही है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/sagar/damoh/news/e-meeting-facility-started-for-jail-visit-127425238.html
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