जिले में खरीफ सत्र में बोई मक्का फसल पर फॉल आर्मी वर्म इल्ली का प्रकोप नजर आने लगा है। खरीफ सत्र में भी बड़ी मात्रा में मक्का फसल बोई जाती है, ऐसे में किसान परेशान हैं। शिकायत मिलने पर शनिवार को कृषि विभाग के अधिकारी भी जांच के लिए खेतों में पहुंचे और किसानों को बचाव के लिए जानकारी दी।
मक्का फसल पर फॉल आर्मी वर्म कीट के अंडों से निकली इल्लियां हल्के पीले रंग की होती है। इसका प्रकोप दिखाई दे रहा है। यह इल्लियां फॉल आर्मी वर्म नामक कीट की है। इनका जीवन चक्र 12 से 20 दिन का होता है। उपसंचालक कृषि मनोहरसिंह देवके ने बताया फॉल आर्मी वर्म के नियंत्रण के लिए किसानों को सावधानी रखना जरूरी है। इसका प्रकोप नजर आते ही सिंथेटिक कीटनाशकों में थायोडीकार्प 75 डब्ल्यू-जी एक किलो प्रति हैक्टेयर का छिड़काव, थायोमिथाक्झम 12.6 प्रतिशत और लेम्बडा सायहेलोथ्रिन 9.5 प्रतिशत की मात्रा 0.25 एमएल, क्लोरेट्रानिलिप्रोएल 18.5 प्रतिशत का 0.4 एमएल, स्पाईनटोरम 11.7 प्रतिशत का 0.5 एमएल, एमामेक्टिन बेन्जोएक्ट 5 एसजी, स्पीनोसेड 45 एसजी का 3 एमएल प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर किसी भी एक कीटनाशक का छिड़काव करें। आवश्यकता पड़ने पर कीटनाशक का उपयोग बदल-बदल कर करें। मक्का फसल में जहरीले चुग्गे का प्रयोग भी कर सकते हैं। इसके 10 किलो गेहूं के भूसे में 2 किलो गुड और 2 से 3 लीटर पानी में 100 ग्राम थायोडीकार्प मिलाकर पौधों की पोंगली में डालना होगा।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/khandwa/burhanpur/news/fall-army-worm-worm-outbreak-127455342.html
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