दमोह जिला और जबलपुर की मध्य सीमा पर गुबरा मझौली रोड पर कटाव धाम प्राकृतिक सौंदर्य के साथ साथ महान संतों की तपोभूमि है। धार्मिक आस्था का केंद्र कटावधाम तीर्थक्षेत्र में महामण्डलेश्वर आचार्य सियावल्लभ दास वेदांती महाराज के सानिध्य एवं श्रद्धालुओं के सहयोग से अद्वितीय श्रीराम मंदिर श्री रामार्चन मण्डप का निर्माण कार्य किया जा रहा है। महाराज का दावा है कि यह विश्व का अद्वितीय मंदिर है। उन्होंने बताया कि दाक्षिणात्य गुजराती मिश्रित शैली एवं इस नाम से बनने वाला यह विश्व का प्रथम मंदिर होगा। शिव संहिता ग्रंथ में वर्णित रामार्चा पद्धति जिसे स्वामी श्रीराम वल्लभा शरण महाराज ने प्रसारित किया था उसी पद्धति के अनुसार मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। इस समय निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और लगभग 2 वर्ष में पूर्ण हो जाने की संभावना है।
वेदांती महाराज ने बताया कि लगभग 500 किमी लंबी विन्ध्य पर्वत माला के अंतिम छोर पर स्थित कटावधाम कृष्णा एवं फल्गु नदी का संगम स्थल है। प्राचीन काल से ही कटावधाम संतों तपस्वियों की साधना स्थली के रूप में जाना जाता है। उल्लेखनीय है कि आज से 10 वर्ष पूर्व अयोध्या के संत वेदांती ने जब से कटावधाम को अपनी साधना स्थली बनाया तब से इस तीर्थ का विकास बहुत तेजी से हो रहा है। प्रयासों से यह स्थल मध्यप्रदेश शासन से पर्यटन स्थल और भारत सरकार के द्वारा तीर्थ विकास मंत्रालय के द्वारा वित्त पोषित है। वेदांती जी के प्रयास से यह क्षेत्र नशा मुक्त हो रहा है। पिछले 10 वर्षों से अखंड रामधुन एवं अखंड सुंदरकाण्ड का पाठ चल रहा है। कटावधाम विकास के मुख्य सूत्रधार राजेश राय के संयोजन में संचालित कटाव विकास समिति के द्वारा सहयोग किया जा रहा है।
मंदिरों के पुजारियों एवं धार्मिक प्रमुखों की बैठक हुई
हटामें शासन द्वारा धार्मिक स्थल खोने जाने के आदेश जारी किए जाने के बाद धार्मिक स्थलों पर संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं मध्यप्रदेश द्वारा नियम निर्देश जारी किए गए हैं।
इन्हीं नियमों का पालन करने के लिए रविवार को पुलिस थाना परिसर हटा में एसडीएम राकेश मरकाम की अध्यक्षता में मंदिर के पुजारियों एवं मस्जिद प्रमुखों और धार्मिक स्थलों के प्रमुखों की बैठक बुलाई गई। जहां एसडीएम ने धार्मिक स्थलों पर नियमों का पालन करने संबंधी निर्देश देते हुए बताया कि कोविड 19 संक्रमण को देखते हुए शासन ने जो गाइड लाइन जारी की है उसके अनुसार हमें प्रत्येक नियम का अनिवार्य रूप से पालन करने हैं एवं धार्मिक स्थलों पर आने वाले लोगों को नियमों के बारे में बताकर उन्हें सावधान करने के साथ जागरूक करना है।
इस दौरान उन्होंने गाइड लाइन के प्रत्येक बिंदु पर प्रकाश डालते हुए गाइड लाइन से सभी को अवगत कराया और सभी की राय जानी। उन्होंने बताया कि चेहरों पर सेफ्टी मास्क, बार बार हाथों को साबुन से धोना और हाथों को सैनिटाइज करना और सोशल डिस्टेंस का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा। जिस प्रकार से स्थिति सुधरी है और शासन द्वारा जो हमें छूट मिली है। इसमें हमारा कर्तव्य है कि हम कोविड 19 संक्रमण के प्रति सजग रहें नियमों का पालन करें ताकि वह और हमारा समाज सुरक्षित रह सके।
बैठक में उपस्थित सभी को शासन द्वारा जारी की गई गाइड लाइन की प्रतियां प्रदान की गई ताकि वह धार्मिक स्थलों पर चस्पा कर लोगों को जागरूक कर सकें। बैठक में एसडीओपी सरिता उपाध्याय ने कहा कि शासन ने जिन नियमों का निर्धारण किया है वह हमारे लिए ही नहीं बल्कि पूरे समाज और क्षेत्र की रक्षार्थ हैं अगर हम सतर्कता बरतेंगे एवं नियमों का पालन करेंगे तो हम सुरक्षित रहेंगे। वही टीआई राजेश बंजारे ने सभी के सुझाव जाने और कहा कि वर्तमान में अगर हमें सजग रहने के साथ ही सुरक्षित भी रहना है। इसे हम अपनी दिनचर्या में अपना ले तो हम सुरक्षित रह सकेंगे।
हम सभी की अहम जिम्मेदारी है कि धार्मिक स्थलों पर एवं सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को जागरूक करें और उन्हें नियम निर्देशों से अवगत कराएं ताकि सुद्रण व्यवस्था बनी रहे। बैठक के दौरान बालाजी सरकार महंत हरिराम दास, गौरीशंकर मंदिर पुजारी रामसुजान पाठक, रामगोपाल सरकार, महंत श्याम दास, चंडी जी मंदिर पुजारी अरुण गोस्वामी, जामा मस्जिद सदर मजीद खान, हाजी अब्दुल रशीद खान, आरिफ हाफिज, हारून खान, अंकित दुबे, मोनू खान, समीर खान सहित अन्य प्रमुख लोगों की उपस्थिति रही।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/sagar/news/unique-ram-temple-is-being-built-in-katavadham-pilgrimage-area-sri-ramarchan-mandapam-127386909.html
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