कक्षा बारहवीं के शेष विषयों की परीक्षाएं मंगलवार से जिले के 77 परीक्षा केंद्रों पर प्रारंभ हुईं। परीक्षा केंद्र में एक घंटे पहले ही बुलाया गया था। जहां प्रवेश करने के पहले ही प्रत्येक परीक्षार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। परीक्षार्थियों की स्क्रीनिंग के लिए कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई थी, लेकिन शहर के अधिकांश केंद्रों पर स्वास्थ्य कर्मी नहीं पहुंचे, तब शिक्षकों ने स्वयं ही यह जिम्मेदारी संभाली और एक-एक परीक्षार्थियों की स्क्रीनिंग की।
हर केंद्र के मुख्य गेट पर ही एक शिक्षक हाथों में सैनिटाइजेशन की शीशी लिए खड़ा था, जो वहां आने वाले प्रत्येक परीक्षार्थी को हाथों में सैनिटाइज स्प्रे कर रहा था, वहीं दूसरा शिक्षक प्रत्येक छात्र का टेंपरेचर चेक कर रहे थे। अच्छी बात यह रही कि किसी भी परीक्षा केंद्र पर विद्यार्थियों में कोरोना से संबंधित लक्षण नहीं पाए गए हैं। पहली पारी की केमेस्ट्री विषय की परीक्षा सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक हुई। जिसमें कुल 4628 छात्रों में 4553 परीक्षार्थी उपस्थित हुए, जबकि 75 अनुपस्थित रहे। जबकि दूसरी पारी में भूगोल विषय का पेपर था। खास बात यह है कि पहले पेपर में एक भी नकल प्रकरण नहीं बना। अधिकारियों का कहना था कि इस बार पूरा ध्यान नकल नहीं बल्कि बच्चों की सुरक्षा पर है।
भास्कर टीम ने शहर के एक्सीलेंस स्कूल, जेपीबी स्कूल, रामकुमार एवं नवजागृति शाला का जायजा लिया। परीक्षा केंद्रों के अंदर सभी परीक्षार्थी मास्क लगाए हुए थे तो कुछ गमछा से अपना चेहरा ढके हुए थे। परीक्षा के दौरान कई छात्र तनाव में नजर आए। एक्सीलेंस स्कूल में परीक्षा शुरू होने के पहले ही एक परीक्षार्थी टेबिल पर सिर रखकर सो गया। बाद में शिक्षकों ने जगाया तो उसने कहा कि रात भर पढ़ाई करने से नींद आ रही है। जेपीबी स्कूल में परीक्षा शुरू होने के पहले परीक्षार्थी सोशल डिस्टेंस भूल गए।
परीक्षा के पहले सभी बच्चों को पहले प्रार्थना के रूप में ग्राउंड पर एकत्रित किया गया, जहां उन्हें केंद्राध्यक्ष द्वारा जरूरी दिशा निर्देश बताए गए, इसके बाद परीक्षा केंद्र में जाने के पहले बच्चे एक साथ झुंड के रूप खड़े नजर आए। शिक्षकों की नजर बच्चों पर पड़ी तो तत्काल डांटकर परीक्षा केंद्रों मंे भेजा गया। रामकुमार स्कूल में गेट पर स्क्रीनिंग न होने के कारण कुछ बच्चों की परीक्षा केंद्र के अंदर ही स्क्रीनिंग की गई।
बहू ने परीक्षा दी, सासने बच्ची को संभाला
शहर के एक्सीलेंस स्कूल में बनाए गए प्राइवेट परीक्षा केंद्र में कुछ ऐसी परीक्षार्थी भी शामिल हुईं, जिनके छोटे-छोटे बच्चे थे। सोमखेड़ा गांव से आई महिला सोमवती अपनी आठ माह की छोटी सी बच्ची को लेकर आई थी। उसके साथ उसका पति व सास भी आई थी, ताकि परीक्षा के दौरान छोटी सी बच्ची को संभाल सके। परीक्षा के दौरान तीन-तीन घंटे तक दादी ने ही बच्ची को संभाला। पति ने बताया कि उसकी पत्नी का भूगोल विषय का पेपर था।
अन्य जिलों के 155 परीक्षार्थी हुए शामिल
परीक्षा के दौरान दूसरे जिलों के 156 परीक्षार्थी शामिल हुए। वर्ष 2018 में कक्षा दसवीं की परीक्षा में मेरिट सूची में अपना स्थान बनाने वाले मजदूर वर्ग से रोशन चक्रवर्ती जो वर्तमान में सुभाष स्कूल भोपाल में अध्ययनरत था तथा वहीं से परीक्षा दे रहा था। कोरोना महामारी में वह अपने माता पिता के घर जबेरा वापस आया था। ऐसी स्थिति में उसे अपने गांव के स्कूल में ही परीक्षा देने मिली तो वह प्रसन्न नजर आए। रोशन ने बताया कि आवागमन के साधन बंद हैं, जिससे वह भोपाल नहीं जा पाया। अब अपने गांव में ही परीक्षा देने पर अच्छा लग रहा है।
नकल से ज्यादा सुरक्षा पर ध्यान
डीके मिश्रा, जिला परीक्षा प्रभारी का कहना है कि सभी परीक्षा केंद्रांें पर इस बार नकल से ज्यादा परीक्षार्थियों की सुरक्षा पर ध्यान दिया गया। हर केंद्र पर सैनीटाइज व थर्मल स्क्रीनिंग की गई। शहर के कुछ केंद्रों पर मेडीकल टीम नहीं पहंुंचने की जानकारी मिली है, जिससे वहां शिक्षकों ने स्वयं ही स्क्रीनिंग की। बच्चे तनाव में न रहें, इसलिए तमाम उपाय किए जा रहे हैं।
हटा के एमएलबी स्कूल में अभिभावक कक्षाओं में पहुंचे, टेबलें साफ की
मंगलवार को नगर के दो केंद्रों में कक्षा बारहवीं की परीक्षा आयोजित हुई। उत्कृष्ट विद्यालय में परीक्षार्थी एक घंटे पहले ही पहुंचे, जहां थर्मल स्क्रीनिंग कर परीक्षा हॉल में प्रवेश दिया गया। वहीं सूचना के बावजूद अनेक छात्र-छात्राएं बिना मास्क लगाए परीक्षा केंद्र गए, जहां उन्हें मास्क उपलब्ध कराकर प्रवेश दिया गया।
एमएलबी परीक्षा केंद्र में जमकर अव्यवस्थाएं नजर आईं। यहां छात्र-छात्राए बिना मास्क लगाएं सीधे अंदर प्रवेश कर रहे थे। अभिभावक अपने बच्चों को परिसर के अंदर वाहन ले जाकर कक्षाओं में बैठाने तक पहुंचे। जहां पर टेबिलों में जमीं धूल को साफ कर बच्चों को बैठाकर वापस निकले। एक घंटे पूर्व पहुंचे छात्र छात्राओं ने सोशल डिस्टेंस का भी खुला उल्लंघन किया। एमएलबी में प्राइवेट परीक्षार्थियों का केंद्र भी होने के कारण प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधक भी एमएलबी स्कूल में अपनी टीम सहित उपस्थित रहे। उत्कृष्ट विद्यालय में 133 स्थानीय एवं 19 अन्य जिलों से आए छात्र। एमएलबी पमें 257 में से 256 एवं दूसरी पारी में 204 में से 202 छात्र उपस्थित रहे। दोनों केंद्रों में एक भी नकल प्रकरण नहीं बना।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/sagar/damoh/news/the-system-failed-the-health-team-did-not-reach-the-teachers-only-screened-masks-but-the-distancing-broke-127394309.html
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