Tuesday, June 9, 2020

ऑपरेटर तीन माह का टैक्स माफ कराने पर अड़े, इसलिए सड़कों पर नहीं दौड़ रही हैं बसें

शासन और बस ऑपरेटरों के बीच पिछले 8 दिन में बसों को चालू करने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। संचालकों का कहना है कि उनका तीन माह का टैक्स माफ किया जाए, जबकि शासन की ओर आदेश जारी किया गया है कि 30 जून तक टैक्स जमा करना है, लेकिन बसें रूट पर चलाना प्रारंभ कर दें, बस आपरेटर दिए आदेश मानने को तैयार नहीं हैं,वे जिद पर अड़े हैं कि जब तक उन्हें शासन से टैक्स में छूट नहीं मिल जाती है, तब तक बसें नहीं चलाएंगे।
दरअसल एक जून से शासन ने कुछ शर्तों के साथ बसों के संचालन की अनुमति तो दे दी है, लेकिन बस ऑपरेटर इन शर्तों से सहमत नहीं हैं।उनका कहना है कि तीन माह का पहले टैक्स माफ किया जाए। इसके साथ ही 50 सीटर बस में 25 सवारियां बैठाने का नियम खत्म किया जाए, क्योंकि 25 सवारियां लाने ले जाने में खर्च पूरा नहीं पड़ेगा।

ऐसी स्थिति में बस चलाना संभव नहीं है। एसोसिएशन द्वारा मांगी गई राहत नहीं मिलने से बस मालिक बसें चलाने को राजी नहीं हैं। यही कारण है कि शासन से एक जून से बसों का संचालन प्रारंभ करने की अनुमति होने के बाद भी सड़कों पर अब तक परिवहन चालू नहीं हो पाया है। बताया जाता है कि शासन ने आदेश जारी करके प्रदेश के अंदर बसों चलाने की अनुमित है, लेकिन मांगों की वजह से परिवहन अटका है।

22 मार्च से बंद हैं बसाें का आवागमन
लॉकडाउन की घोषणा होने के बाद देश भर में 22 मार्च से बसों का संचालन बंद है। ट्रेन भी पूरी तरह से बंद की गईं थीं, लेकिन अब दो ट्रेनों का संचालन प्रारंभ हो गया है। टोटल लॉकडाउन के दौरान चूंकि सभी दूर आवाजाही ही बंद थी और इसलिए लोगों को ट्रेन या बस की जरूरत भी नहीं थी, लेकिन अब आवाजाही शुरू हो गई है और बसों का संचालन न होने से परेशानी का सामना लोगों को करना पड़ रहा है। तकरीबन तीन माह से ऐसी स्थिति बनी हुई है। बस मालिकों का कहना है कि तीन-तीन माह का बस का टैक्स बकाया है।

एक-एक बस का तीस से 40 हजार रुपए का भुगतान टैक्स के रूप में होना है। दूसरे राज्यों के शासन ने यह टैक्स माफ कर दिया है, लेकिन मध्यप्रदेश में 30 जून तक टैक्स भरने का समय दिया गया है। बस ऑपरेटर फिलहाल बसों का संचालन शुरू करने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं। जिला दमोह बस एसोसिएशन के सचिव शमीम कुरैशी का कहना है कि तीन-तीन माह का टैक्स बकाया है। लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं है। मात्र 25 सवारी बिठाकर बस चलाने की बात कही जा रही है। जबकि 50 सवारी बिठाने पर भी पूरा खर्च नहीं निकल पाता था। ऐसे में 25 सवारी के साथ बसें चलाना संभव ही नहीं है। इस संबंध में आरटीओ आरडी दक्ष का कहना है कि बस संचालकों को टैक्स भरने के लिए 30 जून तक का समय दिया गया है, लेकिन इसके बाद भी बसों का संचालन प्रारंभ हो पाया है। दूसरे राज्यों में टैक्स की छूट दी गई है, लेकिन मध्यप्रदेश में टैक्स माफ करने जैसा कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।



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Operators are adamant on waiving tax for three months, hence buses are not running on the roads


source https://www.bhaskar.com/local/mp/sagar/damoh/news/operators-are-adamant-on-waiving-tax-for-three-months-hence-buses-are-not-running-on-the-roads-127394295.html

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