बसें बंद हाेने से चालक, परिचालक व क्लिनराें के सामने आर्थिक संकट खड़ा हाे गया है। साथी चालक-परिचालकाें की मदद के लिए चालक-परिचालक यूनियन भाेज सेवा ने ही पहल की है। यूनियन की तरफ से मंगलवार शाम काे ड्राइवर, क्लिनर व परिचालकों काे किराना सामग्री दी गई। करीब 150 लाेगाें में 300 किलाे दाल व 300 लीटर तेल बांटा गया है।
इंदाैर-धार, धार-झाबुआ व जिले के विभिन्न रुटाें पर संचालित हाेने वाली बसें बंद हैं। इससे चालक, परिचालक व क्लिनराें के सामने राेजी राेेटी का संकट खड़ा हाे गया है। कई लाेगाें के पास अनाज नहीं था। मदद के लिए गत दिनाें कलेक्टर के नाम अपर कलेक्टर शैलेंद्र साेलंकी काे भी ज्ञापन साैंपा गया था। काेई मदद नहीं मिलने पर चालक-परिचालक यूनियन भाेज सेवा धार के अध्यक्ष गणेश ठाकुर व सचिव संदीप राठाैर ने अपने साथियाें काे किराना सामग्री देने की पहल की।
दाे किलाे दाल व दाे लीटर तेल दिया है : अध्यक्ष गणेश ठाकुर ने बताया चालक, परिचालक व क्लिनर से प्रतिदिन दस रुपए की रसीद काटी जाती है। इस राशि का उपयाेग चालक, परिचालक व क्लिनर की मुसीबत के समय किया जाता है। सड़क दुर्घटना में घायल हाेने पर 10 हजार रुपए, मृत्यु पर 15 हजार व अन्य संकट में भी मदद की जाती है। यूनियन के पास पर्ची कटाई की राशि बची थी। संकट के दाैर में इस राशि का उपयाेग यूनियन अध्यक्ष व सचिव ने करते हुए अपने साथियाें काे किराना सामान वितरित किया। यूनियन ने सूची बनाकर प्रत्येक चालक, परिचालक व क्लिनर काे दाे किलाे दाल व दाे लीटर तेल दिया है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/dhar/news/rs-10-grocery-items-distributed-by-the-amount-collected-from-cutting-of-slips-127369427.html
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