आपदा में अवसर तलाशते हुए जिले की स्व सहायता समूह की महिलाएं पीपीई किट सिलने में जुटी हैं। पीपीई किट का कटा हुआ कपड़ा पीथमपुर से मंगवाकर महिलाएं घर पर सिलने के काम कर रही है। इसमें एक किट पर 50 रुपए की कमाई हो रही है। रतलाम व मंदसौर पुलिस ने 2160 पीपीई किट का आर्डर दिया है तो महिलाओं ने रतलाम पुलिस को 300 किट की डिलीवरी हो चुकी है।
मप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्व सहायता समूहों की महिलाओं ने पहले घर पर मास्क तैयार कर कमाई की तो अब पीपीई किट सिलना शुरू किया है। शिवगढ़ के स्व सहायता समूह की सुनीता चौहान, सलमा, महेंद्र कुंवर, शांतिबाई सहित 10 महिलाएं व गुलबालोद की रूक्मिणीबाई, राधाबाई व ममताबाई पीपीई किट तैयार करने में जुटी है। सुनीता चौहान बताती है किट सिलना शुरू करने से पहले हमने बाकायदा प्रशिक्षण लिया। किट में जम्प सूट, हैंड एंड माउथ कैप, शू कवर, ग्लव्स व मास्क तैयार कर रहे हैं। जिला अस्पताल की टीम ने क्वालिटी परीक्षण कर किट को स्वीकृत किया है। किट का कपड़ा कटिंग सहित पीथमपुर से मंगवाया जा रहा है।
कलेक्टर व सीईओ कर रहे हैं पूरा सहयोग
कलेक्टर रुचिका चौहान व जिपं सीईओ संदीप केरकेट्टा स्व सहायता समूहों को लगातार प्रेरित कर रहे हैं। पहले मास्क तैयार कर उनको रोजगार दिया तो अब पीपीई किट सिलवाकर। केरकेट्टा ने बताया इस काम से जिले की ओर भी महिलाओं को जोड़ा जाएगा।
एक किट पर 50 रुपए की कमाई
जिला प्रबंधक उद्यमिता विकास नरेशचंद्र भाल ने बताया एक किट की अधिकतम कीमत शासन ने 525 रुपए तय की है। 475 रुपए तक कपड़ा कटिंग सहित यहां आ रहा है और महिलाएं एक किट सिलकर 525 रुपए में बेच रही हैं।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/news/women-of-shivgarh-and-gulbalod-will-wear-silly-ppe-kit-ratlam-mandsaur-police-127299544.html
No comments:
Post a Comment