दीपेश शर्मा.काेराेना के कारण लॉकडाउन में रोजगार ताे पहले ही छिन गया। अब जैसे-तैसे घर लाैट रहे हैं ताे लालच का वायरस उनकी बची-खुची बचत काे निगल रहा है। यह दर्द है सैकड़ाें किलाेमीटर दूर अपने घर काे निकले मजदूराें का। इंदाैर शहर के बायपास से हर दिन एेसे हजाराें मजदूर गुजर रहे हैं। भास्कर ने एक बार फिर इन मजदूरों की अापबीती जानी। मजदूराें से भरा एक ट्रक रुकवाया। उसमें बैठे मजदूराें ने बताया कि वे छह दिन पहले मुंबई से पैदल चले थे। राऊ गोल चौराहे पर पहुंचे ताे इस ट्रक वाले ने भाेपाल तक पहुंचाने के लिए 500-500 रुपए लिए, जबकि इंदौर-भोपाल रूट पर एसी चार्टर्ड वोल्वो बस का किराया 350 रुपए ही है। ट्रक वाले से इस बारे में पूछा तो वह घबराकर मुकर गया और बोला कि मैं तो सेवा कर रहा हूं।
दृश्य 1 : तीन से चार गुना रुपए मांग रहे ट्रक वाले

मुंबई से 585 किमी का सफर कर अाए कैलाश साकेत ने बताया कि हमें रीवा जाना है, लेकिन अब पैरों में जान नहीं बची। हमारे पास तीन हजार रुपए थे। सोचा था कि घर जाकर इससे कुछ दिन का गुजारा हो जाएगा। ट्रक वाले तीन से चार गुना रुपए मांग रहे हैं।
दृश्य 2 : भाई का हाथ पकड़ ले जा रही है बच्ची

खंडवा रोड पर छह साल की बच्ची संतो दिखी। वह अपने अपने छोटे भाई रवि का हाथ पकड़कर पैदल जा रही थी। पूछा कि माता-पिता कहां है ताे थोड़ी ही दूरी पर रुके मजदूरों की तरफ इशारा कर बताया कि मां-पिता वहां हैं। वे सभी पैदल बुरहानपुर जा रहे हैं।
दृश्य 3 : बनारस जाना है, किराए में ही रुपए खत्म

वडोदरा से आ रहे संतोष कुमार ने बताया कि हम ट्रक और लोडिंग वालों को किराया देते हुए इंदौर तक पहुंचे हैं। अब हमारे पास कोई पैसा नहीं बचा। सब किराए में खत्म हाे गए। बनारस जाना है। 20 लोग हैं। समझ नहीं आता कैसे पहुंचेंगे? पैदल ही जा रहे हैं।
दृश्य 4 : पसीजे पुलिस वाले, ट्रक राेककर बैठाया

खंडवा जा रहे मजदूर, दिव्यांग बुजुर्ग महिला को तेजाजी नगर चौराहे पर देख पुलिसकर्मियों ने खाली ट्रक रुकवाकर उसमें बैठा दिया। मजदूरों ने कहा हम दो दिन से यहीं रुके थे। वहीं, जवानों ने कहा कि शासन से आदेश मिले तो हम पैदल जाने वालों को ट्रकों में बैठा दें।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/with-the-threat-of-corona-the-cost-of-such-a-travel-truck-is-one-and-a-half-times-that-of-volvo-127287405.html
No comments:
Post a Comment