Friday, April 10, 2020

लॉकडाउन से समर्थन मूल्य पर होने वाली खरीदी को लेकर चिंतित किसान, खेतों में कटी रखी है फसल

कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिए संपूर्ण देश में 24 मार्च से लॉकडाउन चल रहा है, जिसके कारण जहां बाजार और मंडी सब बंद है। जिसके चलते जहां लोग परेशान है तो सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को हो रही है क्योंकि किसानों ने इन दिनों फसलों को काटकर थ्रेसिंग करवाकर घरों में रख लिया है तो वहीं कुछ किसान अभी भी फसल काटने में लगे हुए हैं। लेकिन उपज को बेचने की चिंता किसानों को सता रही है, लगातार मौसम के मिजाज बदलने और आगजनी की घटनाओं के कारण किसान चिंतित बने हुए हैं।


सरकार ने जहां किसानों की समस्या को लेकर 9 अप्रैल से खरीदी शुरू करने का निर्णय लिया था लेकिन संक्रमित मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद 15 अप्रेल तक स्थगित कर दी थी। अब 14 अप्रैल को लॉकडाउन खत्म होने के बाद 15 अप्रैल से खरीदी शुरू होने की उम्मीद किसान जता रहे हैं। प्रशासनिक अफसर भी किसानों की उपज खरीदने की तैयारी में जुटे हुए हैं लेकिन खरीदी होगी या नहीं इस पर अभी संशय बना हुआ है। दरअसल लगातार संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। वहीं जिला मुख्यालय पर एक संक्रमित की रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद किसानों की उपज समर्थन मूल्य पर खरीदी होने को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। यदि लॉकडाउन नहीं होता तो अभी तक क्षेत्र में किसानों की फसल बिक्री का कार्य प्रारंभ हो चुका होता।लेकिन वर्तमान में प्रदेश की स्थिति गंभीर होने के चलते लॉकडाउन बढ़ाने की भी संभावना जताई जा रही है। इस वर्ष रवि फसल की तुलाई 25 मार्च से शुरू होना थी लेकिन यह अवधि 1 अप्रैल के लिए बढ़ा दी गई फिर आगे चलते यही अवधि 15 अप्रैल कर दी गई। ज्ञात रहे वर्ष 2019 में बरेली में 25 केंद्र एवं बाड़ी में 33 केंद्र संचालित थे। यदि समय पर खरीदी शुरू नहीं हुई तो किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
इस बार कुल पंजीकृत किसानों की संख्या 11460 है इस मान से प्रतिदिन 249. 13 किसानों की उपज की तौल होना चाहिए लेकिन सरकार ने नया आदेश निकाला है जिसमें दो पाली में 6 किसानों की तोल करने की बात कही है ताकि उपार्जन केंद्र पर भीड़ भाड़ न हो। प्रथम पाली प्रात: 10 बजे से 1:30 बजे तक तीन एवं द्वितीय पाली समय 2से 5:30 में 3 किसानों की उपज ही तौली जाएगी। लेकिन प्रतिदिन 6 किसानों वाले आदेश को लेकर पंजीकृत किसानों एवं 31 मई तक संचालित होने वाले केंद्रों पर किसान आते हैं तो इनकी संख्या 132 होगी। ऐसे में शेष किसानों की उपज का क्या होगा यह समझ से परे है।

बाहर से आती थे तुलाई करने वाले, इस बार आएगी परेशानी
इन खरीदी केंद्रों पर विगत वर्षानुसार इस वर्ष तुलावट और हम्माल उपलब्ध नहीं है। ठेकेदारों द्वारा हम्माल बिहार से बुलाए जाते हैं, लेकिन फिलहाल आवागमन पूर्णत: बंद होने के कारण वहां से तुलावट और हम्मालों का आना संभव नहीं है। इसलिए खरीदी केंद्रों पर किसानों की उपज की तुलाई करने में भी परेशानी आएगी। वहीं खरीदी के लिए समितियों के पास धागा मशीन एवं बारदाना आना प्रारंभ हो गया है। उदयगिरि के किसान मेहरबान सिंह राजपूत ने बताया कि लगभग 1000 क्विंटल गेहूं निकलने का अनुमान है इतनी मात्रा में अनाज को सुरक्षित रखना संभव नहीं है, लॉकडाउन के चलते यदि शासन खरीदी चालू करवा देती है तो यह किसानों के लिए फायदेमंद रहेगा। पंडा बम्होरी के किसान निर्मल चौधरी ने बताया कि 70 एकड़ जमीन है उन्होंने बताया कि इतनी मात्रा में अनाज का भंडारण करना संभव नहीं है शासन प्रशासन तुलाई चालू करवाना चाहिए।

सुरक्षा और सोशल डिस्टेंस के साथ करवाएंगे तुलाई
बृजेन्द्र रावत, एसडीएम बरेली के मुताबिक,शासन के निर्देशों का अक्षरश: पालन करवाया जाएगा, लेकिन तुलाई केंद्रों पर किसान, हम्माल, अफसरों को मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंस का पालन करना अनिवार्य है। वहीं कलेक्टर से इस संबंध में चर्चा कर आगे की कार्रवाई करेंगे। किसान हित में हो भी संभव होगा हर संभव किया जाएगा। लोग अनावश्यक घरों से न निकले अन्यथा कार्रवाई भी की जाएगी।



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Farmers worried about procurement at support price from lockdown, crop is kept in fields


source https://www.bhaskar.com/local/mp/bhopal/raisen/news/farmers-worried-about-procurement-at-support-price-from-lockdown-crop-is-kept-in-fields-127144854.html

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