भोपाल (मनोज जोशी ) .भोपाल के नए मास्टर प्लान के ड्राफ्ट में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। रेसीडेंशियल और कमर्शियल दोनों ही इलाकों में फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर) को दोगुना तक कर दिया गया है। हालांकि बेस एफएआर में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब तय सीमा तक अतिरिक्त निर्माण के लिए अतिरिक्त राशि देकर एफएआर खरीदना होगा। दरअसल हाईराइज बिल्डिंग्स को बढ़ावा देने के लिए रेसीडेंशियल एरिया में एफएआर बढ़ाकर अधिकतम 2 तक किया जा रहा है। यानी नया प्लान लागू होने के बाद आप 1000 वर्गफीट के प्लाॅट पर 2000 वर्गफीट निर्माण कर सकेंगे। अब तक ज्यादातर रहवासी इलाकों में एफएआर 1.25 होने से सिर्फ 1250 वर्गफीट तक ही निर्माण की अनुमति थी।
कमर्शियल एरिया में एफएआर बढ़ाकर 5 तक किया जा रहा है। इसके लिए बेंगलुरू की तर्ज पर प्रीमियम एफएआर पॉलिसी लागू की जा रही है। एक और बड़ा बदलाव भूमि के उपयोग को लेकर है। अब सड़क की चौड़ाई के हिसाब से भूमि का उपयोग (लैंडयूज) और बिल्डिंग की ऊंचाई तय होगी। नगरीय आवास एवं विकास मंत्री जयवर्धन सिंह गुरुवार को मिंटो हॉल में मास्टर प्लान का ड्राफ्ट जारी करेंगे।
अयोध्या बायपास व बावड़ियाकलां में होंगे नए कमर्शियल इलाके, रिंग रोड भी बनेगा
अितरिक्त एफएआर ऐसे मिलेगा
- बेस एफएआर से अधिक निर्माण के लिए एफएआर खरीदने के दो तरीके होंगे-- पहला सरकार को कलेक्टर गाइडलाइन की 20% राशि प्रीमियम एफएआर के रूप में चुकाकर और दूसरा टीडीआर (ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट) के रूप में किसी निजी व्यक्ति या सरकार से खरीदकर।
- पुराने शहर में डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए बेस एफएआर को ही 2 कर दिया गया है। यानी वहां अतिरिक्त एफएआर के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। {पर्यावरण के हिसाब से सेंसेटिव रेसीडेंशियल एरिया में एफएआर को 0.75 तक होगा। यहां प्रीमियम एफएआर का लाभ नहीं मिलेगा।
सड़कों की चौड़ाई और लैंडयूज
- पिछले 25 साल में विकसित हुए एरिया जैसे मिसरोद, सलैया, बैरागढ़ चीचली, अयोध्या बायपास, भौंरी और एयरपोर्ट रोड व अन्य इलाकों में 12 मीटर से कम चौड़ाई वाली सड़कों पर प्ले स्कूल, केजी स्कूल आदि की अनुमति होगी।
- 18 मीटर से कम चौड़ी रोड पर रिटेल शॉप, रेस्टोरेंट, कैंटीन, क्लीनिक, कोचिंग, हॉस्टल, प्राइमरी स्कूल तथा 24 मीटर तक की सड़क पर मल्टीप्लेक्स, मोटल, शो रूम और 24 मीटर से चौड़ी सड़क पर मॉल, मैरिज गार्डन, गार्डन रेस्टोरेंट जबकि 30 मीटर से चौड़ी सड़क पर एम्युसमेंट पार्क, ड्राइव इन सिनेमा आदि की अनुमति होगी।
हेरिटेज टीडीआर का प्रावधान भी... टीडीआर का उपयोग हेरिटेज संरक्षण में होगा। पुराने शहर में स्थित हेरिटेज के पास डेवलपमेंट के लिए नया जोन बनेगा। यहां डेवलपमेंट के निजी संपत्ति के अधिग्रहण पर हेरिटेज टीडीआर का लाभ दिया जाएगा।
- 1016.90वर्ग किमी कुल प्लानिंग एरिया जो पिछले मास्टर प्लान (2005) से 415.84 वर्ग किमी ज्यादा है।
- 248कुल गांव (कैचमेंट एरिया के 63 गांव सहित) पिछले मास्टर प्लान में 146 थे।
- 35लाख आबादी वर्ष 2031 में अनुमानित मानते हुए बना प्लान।
बड़े तालाब के आसपास निर्माण को लेकर प्रस्ताव
- एफटीएल में कोई निर्माण अनुमति नहीं मिलेगी और न कोई टीडीआर मिलेगा।
- एफटीएल से शहर में 50 मीटर, ग्रामीण क्षेत्र में 250 मीटर और कोलांस से 250 मीटर व अन्य सहायक नदी नालों से 9 मीटर तक बफर जोन होगा। यानी निर्माण की अनुमति नहीं होगी, लेकिन 0.1 टीडीआर मिलेगा।
- इसके आगे न्यूनतम 4000 वर्गफीट के प्लॉट पर 5% ग्राउंड कवरेज और स्लोपिंग रूफ की 7 मीटर हाइट तक 0.1 एफएआर। यहां न प्रीमियम एफएआर मिलेगा और न कोई टीडीआर मिलेगा।
- अन्य नदी, तालाब के कैचमेंट में कोई निर्माण अनुमति नहीं और न टीडीआर। इन जलस्रोत से 33 मी. तक कोई निर्माण नहीं होगा लेकिन 1.25 टीडीआर मिलेगा।
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source https://www.bhaskar.com/mp/bhopal/news/now-you-will-be-able-to-build-up-to-double-the-plot-according-to-the-width-of-the-roads-the-area-will-also-be-commercial-126905450.html
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