Saturday, February 22, 2020

4 दिन देश में रुककर फिलीपींस का यात्री वापस भी लौटा, 3 जनवरी का पत्र ईसागढ़ पहुंचा 33 दिन बाद


स्वास्थ्य विभाग के एक गलत पत्र जारी होने से विदेश में नौकरी कर रहे एक बेटे के पिता मानसिक तनाव में हैं। पिता की तबीयत खराब होने पर फिलीपींस से उनका बेटा 3 जनवरी को भारत आया। 4 दिन रुककर वापस भी चला गया। इसके 33 दिन बाद उनके घर स्वास्थ्य विभाग की टीम कोरोना वायरस की जांच करने पहुंची। मजेदार बात यह है कि यह पत्र 3 जनवरी को बनाया गया। जिला मुख्यालय से ईसागढ़ की दूरी मात्र 35 किमी है लेकिन इस पत्र को वहां तह पहुंचने में 33 दिन लग गए। स्वास्थ्य विभाग का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने से अब बेटे के पिता मानसिक तनाव झेल रहे हैं।

ईसागढ़ निवासी संतोष कुमार श्रीवास्तव की परेशानी स्वास्थ्य विभाग के एक गलत पत्र से बनी हुई है। श्री श्रीवास्तव ने बताया कि उनका बेटा अभिषेक कुमार श्रीवास्तव फिलीपींस की राजधानी मनीला में जॉब करता है। पिता की अधिक तबीयत खराब होने पर 3 जनवरी को वह उन्हें देखने भारत आया और 8 को वापस चला गया। इसके एक माह बाद 5 फरवरी को स्वास्थ्य विभाग की टीम उनके घर पहुंची और बेटे की जानकारी लेने लगी। जब उन्होंने बेटे के वापस जाने और परिवार के स्वस्थ होने की बात कही तो टीम तो वापस लौट गई लेकिन सीएमएचओ कार्यालय से जारी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद परिजन, रिश्तेदारों के अलावा मित्रों के फोन और पूछताछ ने पूरे परिवार को मानसिक परेशान कर दिया है। पिता का कहना है कि बाजार निकलते हैं तो लोग पूछते हैं कि बेटे की तबीयत कैसी है। लगातार रिश्तेदारों के फोन आ रहे हैं। पहले से ही बीमार पिता इसके बाद परेशान हैं।

सोशल मीडिया पर गलत जानकारी का पत्र वायरल होने के बाद पिता मानसिक रूप से परेशान


गलत जानकारी के साथ लापरवाही स्वास्थ्य विभाग की

इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। एक तरफ जहां फिलीपींस के यात्री को चीन का बताकर कोरोना के डर से निगरानी में रखने का मामला तो समझ आता है लेकिन दूसरी तरफ 3 जनवरी को सीएमएचओ कार्यालय से जारी पत्र का 33 दिन बाद पहुंचना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है कि वे अपने इस गंभीर कार्य में कितने सजग हैं।

कोरोना वायरस का डर, 30 दिन रखनी थी सतत् निगरानी

अगर यात्री वास्तव में चीन से आया होता तो...

स्वास्थ्य विभाग की इस लापरवाही से अगर ऐसे में यात्री फिलीपींस की जगह चीन से आया होता और कोरोना से संक्रमित होता तो अब तक इस लापरवाही से कई लोग वायरस से प्रभावित हो चुके होते।


डाॅ. विपिन सिंह बीएमओ, ईसागढ़।

{पिता का कहना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पता नहीं कि फिलीपींस और चीन दोनों अलग-अलग दिशाओं में

{इधर लापरवाही इतनी कि 3 जनवरी को सीएमएचओ कार्यालय से लिखा पत्र मात्र 35 किमी दूर पहुंचा 33 दिन बाद।



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source https://www.bhaskar.com/mp/ashoknagar/news/mp-news-after-stopping-in-the-country-for-4-days-the-traveler-of-the-philippines-also-returned-the-letter-of-3-january-reached-isagarh-after-33-days-063110-6691304.html

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