Monday, February 24, 2020

फर्जी तरीके से काॅलेज चला रहे, 142 विद्यार्थियाें काे दिए एडमिशन, कुलपति बाेलीं- एफअाईअार कराएंगे


शहर के एसअाईसी काॅलेज में वकालत की पढ़ाई के नाम पर 142 बच्चाें के साथ धाेखा हुअा है। मान्यता नहीं हाेने के बावजूद यहां दाे साल से लाॅ की फर्जी शिक्षा दी जा रही थी। नियमानुसार बीसीअाई (बार काैंसिल अाॅफ इंडिया) की बगैर अनुमति के किसी भी काॅलेज में बीए-एलएलबी की कक्षाएं संचालित नहीं की जा सकतीं, लेकिन एसअाईजी काॅलेज प्रबंधन ने देवी अहिल्याबाई विश्वविद्यालय में बार काैंसिल अाॅफ इंडिया का फर्जी अनुमति पत्र पेश कर कक्षाएं संचालित की। इस तरह का आरोप एबीवीपी ने विद्यार्थियों के साथ धरना देते हुए लगाए। उनका कहना है कि एेसे में अब विद्यार्थियाें का भविष्य खतरे में पड़ गया है। नए सत्र की परीक्षा की तारीख नहीं अाने पर गत दिनाें विद्यार्थी यूनिवर्सिटी पहुंचे ताे खुलासा हुअा। वीडियोग्राफी बयान में कुलपति डाॅ. रेणु जैन ने कहा जांच कमेटी से रिपाेर्ट नहीं मिली है। रिपाेर्ट के बाद दाेषियाें पर एफअाईअार कराने व बार काैंसिल अाॅफ इंडिया काे पत्र लिखने की बात कही है।

सोमवार को विद्यार्थियों के समर्थन में एबीवीपी के नगर मंत्री कपिल चाैधरी ने काॅलेज के मैनेजमेंट अाॅफिसर शैलेंद्र दुबे से काॅलेज की मान्यता के दस्तावेज मांगे ताे उन्होंने जाली दस्तावेज दिखा दिए। मैनेजमेंट अाॅफिसर से संताेषजनक जवाब नहीं मिलने से नाराज कार्यकर्ताअाें ने विद्यार्थियों के साथ काॅलेज के बाहर धरना दे दिया। परिषद के शिवा, कमल जाट, राहुल जाट, महेश माैर्य, अाशीष बाैरासी भी माैजूद थे।

भास्कर पड़ताल में ये नए खुलासे भी


काॅलेज वसूल रहा सालाना फीस 42 हजार, हकीकत-अधिकतम 25 हजार रुपए

द्वितीय वर्ष के छात्र अमन परमार से सालाना फीस 42 हजार रुपए ली गई है। इस पर इंदाैर लाॅ काॅलेज में पढ़ाई कर चुके एक विद्यार्थी से पता किया ताे अधिकतम 25 हजार रु. फीस हाेने की बात सामने अाई। प्रथम वर्ष के विद्यार्थी नितिन वसुनिया, गाैरव जाट, कविता परमार, रितिका परमार, सृष्टि वास्केल से भी 35 से 40 हजार रु. फीस वसूली गई है। विद्यार्थियाें ने यह भी बताया कि फाेन पर उन्हें 25 हजार रु. फीस बताई थी। काॅलेज तक फीस बढ़ा दी गई।

मार्कशीट पर राेल नंबर नहीं, हाथ से बनाकर दे दिया एडमिट कार्ड

प्रबंधन ने प्रथम सेमेस्टर की मार्कशीट भी फर्जी जारी की है। मार्कशीट पर यूनिवर्सिटी का नाम अाैर लाेगाे लगाया है। मगर राेल नंबर नहीं लिखा है। एडमिट कार्ड भी हाथ से बनाकर दे दिया। एनराेलमेंट नंबर नहीं लिखा है। विद्यार्थियाें का कहना है कि इस साल भी मैनुअली परीक्षा फाॅर्म जमा किए जा रहे हैं। यूनिवर्सिटी के पाेर्टल पर भी काॅलेज का नाम कहीं नहीं दर्शाया गया है।

एडमिशन फीस के नाम पर 2500 वसूल रहे

विद्यार्थियाें का कहना है कि एडमिशन फीस के नाम पर 2500 रु. वसूल रहे हैं। असल फीस 1 हजार रुपए है। 1 हजार रु. एजेंट अाैर 500 रु. ब्लेजर के नाम पर लिए जा रहे हैं। विद्यार्थियाें काे ब्लेजर दिए ही नहीं।

एडमिशन के समय जमा करा ली अाेरिजनल मार्कशीट

एडमिशन के समय बाेर्ड कक्षाअाें की ओरिजनल मार्कशीट जमा करवाई गई। नियमानुसार एडमिशन के समय सिर्फ संबंधित दस्तावेज की छायाप्रति जमा करा सकते हैं। साेमवार काे मुद्दा उठने पर डायरेक्टर ने बच्चाें से अावेदन लेकर उन्हें मार्कशीट लाैटा दी। विद्यार्थियाें ने कहा काॅलेज में शिक्षक भी नहीं होने से पढ़ाई भी नहीं हाे पा रही।

सीधी बात

प्रेमसागर, डायरेक्टर, एसअाईसी काॅलेज, धार


विद्यार्थियों के साथ एबीवीपी ने कॉलेज के बाहर दिया धरना, लगाया आरोप

विद्यार्थी काे जारी की गई मार्कशीट पर जिस पर राेल नंबर भी नहीं लिखा है। इसी तरह हाथ से जारी किए एडमिट कार्ड पर एनराेलमेंट नंबर भी नहीं लिखा गया है।


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डायरेक्टर की हिम्मत देखिए.... फर्जीवाड़े के बाद भी मजबूत दावा : मैनेजमेंट अाॅफिसर से मामला नहीं संभला ताे डायरेक्टर प्रेमसागर काॅलेज पहुंचे। उन्हाेंने भी मैनेजमेंट अाॅफिसर द्वारा बताए फर्जी दस्तावेज दिखाकर काॅलेज काे यूनिवर्सिटी की मान्यता हाेने का दावा किया। विद्यार्थियाें अाैर परिषद कार्यकर्ताअाें ने सवाल किया कि फिर कुलपति एेसा क्याें कह रहीं कि काॅलेज की मान्यता नहीं है। इस पर डायरेक्टर ने काॅलेज के लेटर हेड पर लिखकर दे दिया कि उनके काॅलेज काे मान्यता मिली है। डायरेक्टर के लिखित दावे काे क्राॅस चेक करने के लिए मंगलवार काे परिषद विद्यार्थियाें काे लेकर यूनिवर्सिटी जाएगी। इसके बाद अागे की स्थिति पता चलेगी।


{काॅलेज काे बीए एलएलबी की मान्यता नहीं हाेने का मामला सामने अाया है अापका क्या कहना है?

- मेरे खिलाफ साजिश रची जा रही है।

{एबीवीपी का अाराेप है कि अापने उन्हें मान्यता के नकली दस्तावेज दिखाएं हैं?

- ये झूठ है, काॅलेज काे बीए एलएलबी की मान्यता प्राप्त है।

{अापने सूचना पत्र के माध्यम से काॅलेज काे मान्यता हाेने का दावा किया है, जिसे विद्यार्थी यूनिवर्सिटी जाकर पेश करेंगे?

-मुझे काेई अापत्ति नहीं, वे इसके लिए स्वतंत्र हैं।

{फिर कुलपति अपने बयान में काॅलेज पर एफअाईअार कराने की बात क्याें कह रही हैं?

-हमें बीसीअाई से अनुमति का पत्र प्राप्त नहीं हुअा है। दूसरे काॅलेजाें में भी एेसी स्थितियां बन रही हैं। अागामी 16, 17 या 18 मार्च तक पत्र मिलने की संभावना है।



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source https://www.bhaskar.com/mp/dhar/news/mp-news-running-the-college-in-a-fake-way-142-students-will-be-given-admission-vice-chancellor-will-conduct-the-fir-071550-6705908.html

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