Wednesday, February 5, 2020

13 साल पुराने डिजाइन से बन रहा हाईवे, इसलिए रहवासी क्षेत्रों में सर्विस रोड का निर्माण नहीं, हादसाें की अाशंका


झांसी-ग्वालियर हाईवे का निर्माण 13 साल पुराने डिजाइन पर ही किया जा रहा है। इन 13 सालाें में हाईवे किनारे कलेक्टोरेट, न्यायालय, केन्द्रीय विद्यालय जैसे कई नए संस्थान खुल गए तो सिविल लाइन, झांसी रोड आदि क्षेत्रों में रहवासी क्षेत्र विकसित हो गए। इन क्षेत्रों में आवागमन के लिए हाईवे निर्माण एजेंसी सर्विस रोड का निर्माण नहीं कर रही। ऐसे में यहां सड़क दुर्घटनाओं की अाशंका है। कुछ स्थानों पर सर्विस रोड बनाई जा रही है। लेकिन उन्हें भी हाईवे से ही जोड़ा जा रहा है। इसलिए इन सड़कों का कोई लाभ आमजन को नहीं होगा।

हाईवे निर्माण का नियम है कि अगर हाईवे किनारे रहवासी क्षेत्र या सार्वजनिक संस्था, कार्यालय है तो इन तक पहुंचने के लिए हाईवे के बगल में ही सर्विस रोड का निर्माण किया जाता है। ताकि लोग बगैर हाईवे का उपयोग किए इन स्थानों तक पहुंच सकें। दतिया से निकले झांसी ग्वालियर हाईवे किनारे न्यू कलेक्टोरेट, जिला न्यायालय, केन्द्रीय विद्यालय, पॉलीटेक्निक कॉलेज, मैरिज गार्डन, मेडिकल कॉलेज, आरटीओ ऑफिस जैसी संस्थाएं हैं। बावजूद इन तक आसान व सुरक्षित पहुंचने के लिए सर्विस रोड का निर्माण नहीं किया जा रहा है।

पॉलीटेक्निक कॉलेज से केंद्रीय विद्यालय तक हैं डेंजर प्वाइंट, हो चुकी हैं कई दुर्घटनाएं


तस्वीर शहर की सिंधी कॉलोनी की है। यहां हाईवे की ऊंचाई कॉलोनी से 10 फीट से ज्यादा है लेकिन सर्विस रोड नहीं बनी।

वाहन चालक हो चुके हैं चोटिल, महिला की हुई मौत

{11 दिसंबर 2019 को मेडिकल कॉलेज के सामने मोड़ पर सड़क पार कर रहे युवक को बचाते वक्त तेज रफ्तार ऑटो पलट गया था। इस घटना में भुवनेश पुत्र मनीष गौतम निवासी डबरा की मौत हो गई थी। जबकि रवि शर्मा, सुदामा जाटव, देवेंद्र दुबे व विशाल जाटव घायल हो गए थे।

{27 नवंबर 2019 को कलेक्टर के स्टेनो श्रीनाथ की कार हाई वे क्रास करते वक्त ट्रेक्टर से कटरा गई थी। श्रीनाथ ऑफिस जा रहे थे। बंधा नंबर 5 के पास से वह क्रास कर रहे थे। घटना में वाहन को क्षति पहुंची थी। कोई जन हानि नहीं हुई थी।

{19 अप्रैल 19 को मोटल होटल के सामने पीछे से आ रहे ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी थी। इस घटना में ग्वालियर निवासी संजय (24) पुत्र गिरंद सिंह परिहार और उसकी प|ी मनीषा की माैके पर ही मौत हो गई थी।

हाईवे क्रॉस करने से बना रहता है दुर्घटना का खतरा

{न्यू कलेक्टोरेट से वापस शहर की ओर आते वक्त या तो हाईवे को क्राॅस करो या फिर नियम के विपरीत किनारे चलो। न्यू कलेक्टोरेट से सिविल लाइन तक सर्विस रोड बननी चाहिए थी। यहां पर सर्विस रोड तो बनाई। लेकिन इसे बंधा नंबर 5 पर क्रास कर दिया गया। ऐसे में पूरा हाईवे क्रास करते वक्त हादसे का खतरा है। यहां पहले भी दो हादसे हो चुके हैं।

{मंगल ढाबा के आमने सामने रहवासी क्षेत्र है। यहां पर भी सर्विस लाइन को सीधा हाईवे से जोड़ा जा रहा है। कुछ ऐसा ही हाल मेडिकल कॉलेज, हड़ा पहाड़ आदि क्षेत्रों में है। इन क्षेत्रों से प्रवेश के बाद अगर ग्वालियर की ओर जाना है तो पूरा हाईवे क्राॅस करना पड़ता है। जिससे दुर्घटनाओं की अाशंका रहती है।

सर्विस रोड निर्माण पर नहीं दिया ध्यान: हाईवे का निर्माण 2007 में शुरू हुआ था। स्वभाविक है कि हाईवे निर्माण के लिए सर्वे, डिजाइन इससे एकाध साल पहले तैयार कर लिया गया होगा। उस वक्त झांसी ग्वालियर रोड पर न तो संस्थान थे और न ही रहवासी क्षेत्र। इसलिए उस वक्त तैयार डिजाइन में सर्विस रोड का निर्माण भी नहीं था। हाईवे को वर्ष 2009 में पूरा होना था। लेकिन वर्ष 2010 से वर्ष 2017 तक निर्माण कार्य बंद रहा। हाईकोर्ट के दखल पर निगरानी के बाद वर्ष 2018 में पुन: 364 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य शुरू किया गया। चूंकि निर्माण पुराने डिजाइन पर हो रहा है। इसमें सर्विस रोड का निर्माण शामिल नहीं है। ऐसे में मनमाने तरीके से सर्विस रोड का निर्माण किया जा रहा है। उन स्थानों पर सर्विस रोड के निर्माण पर ध्यान नहीं दिया जहां दुर्घटनाओं की सबसे अधिक अाशंका रहती है।

सर्विस रोड का उल्लेख नहीं


धनंजय सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई, ग्वालियर



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Datia News - mp news 13 year old design highway so service road is not built in residential areas there is a possibility of accidents


source https://www.bhaskar.com/mp/datia/news/mp-news-13-year-old-design-highway-so-service-road-is-not-built-in-residential-areas-there-is-a-possibility-of-accidents-071522-6555553.html

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