
स्कूल में साक्षरता शिविर आयोजित कर छात्र व छात्राओं को मौलिक अधिकार और मौलिक कर्तव्यों की जानकारी दी गई। इसके लिए शहर के डीसेंट एकेडमी में तहसील विधिक सेवा समिति ब्यावरा ने शुक्रवार को नालसा की योजना (तस्करी और व्यावसायिक यौन शोषण के पीड़ित) योजना 2015 के तहत विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया। शिविर में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ब्यावरा निवेदिता मुदगल ने नालसा की योजना के उद्देश्य के बारे कहाकि, योजना का प्राथमिक मकसद तस्करी और यौन शोषण के विरूद्ध विधिक सहायता देना है। ये योजना अपनी व्यापक परिधि में बच्चों, किशोरियों और हर उम्र की महिलाओं को शामिल करती है। योजना की मंशा तस्करी के पीड़ितों और स्वैच्छिक यौन- कर्मियों की मुक्ति एवं पुनर्वास सुनिश्चित करते हुए इन व्यक्तियों को यौन शोषण से बचाने के लिए एक कार्य योजना बनाना है। कानून से संबंधित प्रारंभिक जानकारी देते हुए मौलिक अधिकारों व कर्तव्यों के बारे विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान संविधान, घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा, नातरा प्रथा, बाल विवाह अधिनियम, झगड़ा प्रथा एवं निशुल्क विधिक सहायता के बारे में भी जानकारी दी। शिविर में चित्रा खेमजी अधिवक्ता, लोकेश नामदेव अधिवक्ता, मनोज कुमार प्रजापति अधिवक्ता ने भी तमाम कानूनों के बारे में जानकारी दी। शिविर में संस्था संचालक कमल दंागी, ईश्वर सिसौदिया, विधिक सेवा से संतोष राय सहित बड़ी संख्या में छात्र व छात्राएं मौजूद थे।
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https://www.bhaskar.com/mp/rajgarh/news/mp-news-camps-by-setting-up-literacy-camps-students-given-basic-information-and-duties-to-the-students-070015-6420878.html
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