अफसरों के आदेश के बाद नहीं पहुंचा अमला
किसानों की शिकायत पर एसडीएम प्रजापति ने सोमवार को तहसीलदार को लिखा है कि वह सिंचाई विभाग को अवगम कराकर फूटी नहर को तुरंत सही कराएं। इसके बावजूद विभाग के कर्मचारी अभी तक नहर रोकने नहीं पहुंचे हैं। नहर का पानी लगातार खेतों में खड़ी फसल में भर रहा है। गांव के किसान निरंजन सिंह गुर्जर ने बताया नहर की सफाई नहीं की है जिससे इस प्रकार की स्थिति पैदा हो रही है। किसानों को पहले पानी की आवश्यकता थी तब नहर नहीं छोड़ी गई और जब अधिकांश लोगों ने अपने खेतों में सिंचाई कर ली है तो पानी छोड़ दिया है। जिसका लाभ कम, किसानों को नुकसान अधिक उठाना पड़ रहा है। क्षेत्र के जिन किसानों ने सरसों की फसल में ट्यूबवेल या नहर से पानी दिया है उनमें दोबारा पानी भरने से फसल बर्बाद हो सकती है। किसानों का कहना है कि सरसों में 8 दिन पहले पानी दिया था। नहर फूटने से फिर पानी भर गया है। ऐसे में मौसम अधिक ठंडा होने के कारण सरसों की फसल को पानी की आवश्यकता नहीं है। धूप नहीं निकलने से यह पानी खेतों में सूख नहीं पाएगा।
गोहद के ग्राम इटायदा में नहर फूट जाने से सरसाें की फसल में भरा नहर का पानी।
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source https://www.bhaskar.com/mp/bhind/news/mp-news-water-flowing-into-mustard-fields-due-to-canal-eruption-farmers-accuse-irrigation-department-employees-of-negligence-074509-6266570.html
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