यह बात जैन समाज के राष्ट्रीय संत आचार्य ऋषभचंद सूरिश्वर मसा ने मंगलवार को राजेंद्रसूरि जैन पौषधशाला में धर्मसभा में धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहीं। आचार्यश्री ने कहा परिवार में पिता की भूमिका मुखिया के रूप में होती है, वह उस पर निर्भर करता है कि परिवार का सृजन किस प्रकार करता है। सकारात्मक सोच के साथ करेगा तो विकास नहीं तो परिवार का विनाश होगा। आचार्यश्री ने कहा समाज में गुरू परमात्मा की वाणी श्रवण करा कर श्रावकगणों को मोक्ष मार्ग की और प्रशस्त करते है। गुरु समाज में समरसता का माहौल बनाकर स्वस्थ समाज का निर्माता भी होता है।
जुलूस में शामिल समाजजन। इनसेट आचार्यश्री को कामली उड़ाते समाजजन।
पुराना बस स्टैंड से हुआ आचार्य ऋषभचंद का मंगल प्रवेश
सुबह 10.30 बजे आचार्यश्री का मंगल प्रवेश पुराना बस स्टैंड से हुआ। जुलूस में महिला मस्तक पर कलश लेकर चल र ही थी। जुलूस नगर के विभिन्न मार्गों से होकर लिमड़ावास स्थित राजेंद्रसूरि जैन पौषधशाला पहुंच कर धर्मसभा में परिवर्तित हुआ। आचार्यश्री को श्रीसंघ की ओर से कामली ओढ़ाई गई। इस मौके पर श्रीसंघ अध्यक्ष माणक लाल नांदेचा, अनोखीलाल भंडारी, माणक लाल चौहान, माणक लाल नागदा, ललित नागदा, हेमंत जैन, अनिल खेमसरा, अनिल वागरेचा, सुरेश मेहता, देवेंद्र वनवट, गोविंद भरावा, मनोहर हिंगड, सूर्यपाल भटेवरा, विजय जैन सहित आदि मौजूद थे।
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source https://www.bhaskar.com/mp/nagda/news/mp-news-if-the-king-takes-a-policy-decision-then-the-people-can-be-happy-rishabchand-suriswar-081602-6034432.html
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