निलंबन के बाद भी मुख्यालय पर उपस्थित नहीं हुईं शिक्षिकाएं : डीपीसी डॉ. आरएस तिवारी ने 19 जुलाई 2017 को टेमरूबहार की शाला का आकस्मिक निरीक्षण किया। इसमें दोनों सहायक अध्यापक गैरहाजिर मिलीं। जिला पंचायत सीईओ ने उन्हें दो बार शोकाज जारी किया। जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर सीईओ जांगिड़ ने दोनों को निलंबित कर दिया। निलंबन के दौरान दोनों शिक्षिकाओं का मुख्यालय जिला शिक्षा केंद्र रखा। लेकिन दोनों शिक्षिकाओं ने उपस्थित नहीं हुईं।
दोनों महिला सहायक अध्यापक बछोतिया व सेजकर ने 23 जून 2018 को बहाली का निवेदन किया। 2018 में नया सत्र शुरू होने के साथ ही जिला पंचायत सीईओ ने बछोतिया को पीपल्याकला (टिमरनी) और सेजकर को छिदगांव मेल के स्कूल में पदस्थ कर दिया। लेकिन टेमरूबहार की प्राथमिक शाला में शिक्षक नहीं होने से दोनों को पुन: वहीं पदस्थ कर दिया। फिर दोनों शिक्षिकाएं गैरहाजिर रहीं। जिला पंचायत सीईओ जांगिड़ ने दोनों को अंतिम चेतावनी दी। इसके बाद दोनों ने चिकित्सा अवकाश के साथ जवाब दिया। लेकिन अवकाश की मंजूरी नहीं थी। जिला पंचायत सीईओ ने लगातार गैर हाजिर रहने व शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार नहीं होने पर सहायक अध्यापक बछोतिया व सेजकर को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
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source https://www.bhaskar.com/mp/harda/news/mp-news-two-female-assistant-teachers-of-tembarubhar-who-have-been-absent-for-28-months-were-dismissed-084135-6060302.html
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