Friday, January 1, 2021

शुक्र पुष्य से हुई नए साल की शुरुआत, व्यापार और व्यवसाय बढ़ेगा

साल 2020 कोरोना महामारी में निकल गया। 2021 कैसा रहेगा इसे लेकर सभी के मन में सवाल उठ रहे हैं। ज्योतिषियों की माने तो आने वाला साल सभी के लिए अच्छा रहेगा। जनवरी में कोरोना की वैक्सीन आने से भय कुछ कम हाेगा। गजकेसरी योग बन रहा है। ऐसे में 2020 के बजाए 2021 सुकन भरा रहेगा।
1 जनवरी 2021 की शुरुआत शुक्रपुष्य व चंद्र गुरु के गजकेसरी योग से हुई। मंगल ग्रह को राजा व मंत्री दोनों का पद मिलने से सत्तापक्ष के मंत्रिगणों के बीच समन्वय रहेगा। कोरोना वैक्सनी जनवरी-फरवरी में आने से कोरोना का भय कम होगा, फरवरी में मकर राशि में बन रहे छह ग्रहों के योग विश्व में अंशाति, प्राकृतिक आपदा जनधन की हानि के संकेत दे रहे हैं।

रोजगार के अवसर मिलेंगे

नया साल 2021 की शुरुआत शुक्रपुष्य व गुरु चंद्र के दृष्टि संबंध से गज केसरी योग बना। इससे जनता को 2020 की तुलना में 2021 में सुकून मिलेगा। विक्रम संवत 2078 में मंगल ग्रह राजा व मंत्री का पद मिला है तथा वित्त का गुरु ग्रह को इस कारण मंत्रीगणों के आपसी समन्वय से जनता के लिए फायदाकारी योजनाएं सरकार बनाएगी। मकर राशि में शनिग्रह का गोचर कृषि व केमिकल, भवन निर्माण के क्षेत्र में उन्नति होगी। आकस्मिक रूप से लाभ हानि देखने को मिलेगी। 2021 का साल नई रोशनी लेकर आएगा।

सितंबर से नवंबर में महामारी बढ़ेगी

4 से 12 फरवरी तक मकर राशि में पंचग्रही योग बन रहे हैं। 11 फरवरी को मौनी अमावस्या है। उस दिन मकर राशि में छह ग्रह सूर्य, चंद्र, गुरु, शनि, शुक्र, बुध एक साथ होंगे तथा सभी ग्रह राहू व केतु के मध्य होने से सर्पयोग रहेगा। मौनी अमावस्या के दिन प्राकृतिक आपदा और जनधनहानि होने की संभावना है। अप्रैल में गुरु का राशि परिवर्तन कुछ राहत देगा। 14 सिंतबर से 20 नवंबर के बीच गुरु का फिर से शनि के साथ युति होने से व शनि, राहू, केतु, गुरु ग्रहों की वक्री चाल से अनेक देशों के साथ भारत के लिए कोरोना चिंता बढ़ा सकता है।

रक्षाबंधन पर पूरे दिन रहेगा मुहूर्त

ज्योतिषी रवि जैन ने बताया नए साल में दो सूर्यग्रहण होंगे, लेकिन भारत में अदृश्य रहेंगे। इनका कोई प्रभाव नहीं रहेगा। 2020 में कोरोना के कारण रक्षा बंधन का त्योहार फीका रहा था। नए साल में भद्रा नहीं होने से पूरे दिन राखी बांधने के लिए मुहूर्त मुहूर्त रहेगा। विवाह के लिए गुरु व शुक्र ग्रहों का बल देखा जाता है। 18 जनवरी से 13 फरवरी तक गुरु अस्त व 13 फरवरी से 19 अप्रैल तक शुक्रतारा अस्त होने से विवाह के लिए शुभ मुहूर्त 25 अप्रैल से होगा। रोहणी का वास समुद्र में तथा समय का वास रजक के पास होने से वर्षा के संतुलन अच्छा रहेगा।



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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/news/new-year-begins-with-venus-pushya-business-and-business-will-grow-128078353.html

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