आल (आलू) इज वेल.. ये लाइन हमारे कोदरिया क्षेत्र की टेग लाइन बन गई है, क्योंकि यह आलू उगाने से लेकर इसके प्रोडक्ट बनाने का हब बनता जा रहा है। इसके और विकास के लिए प्रशासन ने आत्मनिर्भर भारत अभियान में इसे शामिल किया है। यहां क्षेत्र के मालवी आलू के साथ देशभर से आलू मंगवाकर कच्ची चिप्स तैयार की जा रही है। पिछले साल यहां 166 कारखानों ने काम किया था, इस महीने के आखिरी में 200 कारखाने शुरू होंगे।
महू ब्लाॅक में कुपड़ी ज्योति व लाॅकर किस्म के मालवी आलू बोए जाते हैं। यहां इनका रकबा 16 हजार हेक्टेयर है। एक हेक्टेयर में करीब 250 क्विंटल आलू होता है। आलू के प्रोडक्ट बनाने में यहां के आलू की खपते के साथ इंदौर, उज्जैन, शाजापुर के साथ पंजाब, उत्तप्रदेश, दिल्ली के साथ यहां हिमाचल से भी मंगवाया जाता है। जनवरी के आखिरी में शुरू हुए कारखाने यहां जून तक चलते हैं। तब खेतों में आलू की चिप्स, फ्रेंच फ्राइज सूखते हुए दिखाई देते हैं।
विदेशों में भी जाती है चिप्स
कच्ची आलू पपड़ी निर्माता संघ के अध्यक्ष मनोज सैनी बताते हैं कि यहां की चिप्स पूरे देश में जाती है। मुंबई व गुजरात के व्यापारी यहां से खरीदकर विदेशों में भेजते हैं। प्रशासन का सहयोग रहा तो किसान खुद पैकिंग प्रोडक्ट भी तैयार करेगा। सरपंच अनुराधा जोशी बताती है यहां पूरा काम लकड़ी से होता है, प्रदूषण रोकने के लिए गैस पर काम शुरू हो इसलिए गैस लाइन डलवाने का प्रयास शुरू कर रहे हैं। आत्मनिर्भर भारत योजना में पूरे साल प्रोड्क्शन व पैकिंग प्रोडक्ट की तैयारी है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/mhow/news/chips-made-in-kodaria-by-ordering-potatoes-from-all-over-the-country-200-factories-will-start-128074940.html
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