मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए हैं कि विभागों में खाली पदों को भरने के लिए एक सप्ताह में रिपोर्ट तैयार की जाए। मप्र के लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। ऐसे में सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में रोजगार कैसे बढ़ाए जा सकते हैं, इस पर तेजी से कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने 20 नवंबर को देर शाम रोजगार मामलों को लेकर मंत्रालय में बैठक आयोजित की। जिसमें तय किया गया कि पर्यटन के क्षेत्र 'बफर में सफर', जंगल सफारी, धार्मिक पर्यटन, ग्रामीण और जल पर्यटन में अधिक से अधिक रोजगार सृजित करने की कार्ययोजना बनाई जाएगी। इसी तरह अगले तीन साल में छोटे तथा मझोले उद्योगों के कम से कम 10 एकीकृत क्लस्टर निर्मित करने का निर्णय भी लिया गया। बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस के अलावा 10 विभागों के अपर मुख्य सचिव पर प्रमुख सचिव भी मौजूद रहे।
प्रदेश में 86 हजार सरकारी पद खाली
मध्य प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों मेंं 86 हजार से ज्यादा पद खाली हैं। इसमें सबसे ज्यादा स्कूल शिक्षा विभाग के 30 हजार 600 पद शामिल हैं। उपचुनाव से पहले 4 हजार पुलिस आरक्षक के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी। इसके लिए प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड के जरिए परीक्षा आयोजित की जाएगीl भर्ती प्रक्रिया 25 नवंबर से शुरू होगी लेकिन परीक्षा 6 मार्च 2021 को आयोजित की जाएगी।
मध्य प्रदेश में 30 लाख बेरोजगार…
मध्य प्रदेश के रोजगार पंजीयन के दफ्तरों में बेरोजगारों की कुल संख्या 32 लाख 57 हजार 136 है। इनमें से मप्र के मूल निवासी 29 लाख 81 हजार हैं। शेष बाहरी हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कर चुके हैं कि मध्य प्रदेश में स्थानीय लोगों को ही नौकरी मिलेगी। साफ है कि इस फैसले से मप्र के युवाओं को फायदा तो होगा, लेकिन आंकड़ों पर ही भरोसा करें तो सभी बेरोजगारों को नौकरी देने में सरकार को करीब 20 साल से ज्यादा का समय लग जाएगा।
भर्ती हुई तो 10 हजार करोड़ तक का भार आएगा
इस समय प्रदेश के अलग-अलग विभागों में 86 हजार के करीब पद खाली हैं। यदि यह भर्ती कर ली जाती है तो सरकार के खजाने पर 8 से 10 हजार करोड़ रु. का भार आएगा।
दो साल ही सक्रिय रहा रोजगार बोर्ड
शिवराज सिंह के पिछले कार्यकाल में 2016 में मप्र रोजगार बोर्ड का गठन किया गया था, जिसके पास जिम्मा था कि वह निजी क्षेत्र में संभावनाएं तलाश कर स्किल्ड युवाओं को ट्रेंड करे और कंपनियों में नौकरी दिलाए। वर्ष 2018 तक यह बोर्ड चला और तत्कालीन अध्यक्ष हेमंत देशमुख ने ग्लोबल स्किल्ड समिट और रोजगार मेले लगाए। करीब 90 हजार लोगों को उत्पादन व सर्विस सेक्टर में नौकरी मिली। इसके बाद काम ठप हो गया।
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) की एक रिपोर्ट में कहा गया कि दिसंबर 2018 में मध्य प्रदेश में बेरोजगारी दर 7% थी जो सितंबर 2019 में गिरकर 4.2% पर आ गई थी।
स्कूली शिक्षा विभाग में सबसे ज्यादा पद खाली
|
विभाग |
पद |
भरे हुए |
रिक्त |
|
स्कूल शिक्षा |
1,13,845 |
83,245 |
30,600 |
|
गृह |
93,915 |
84527 |
9388 |
|
स्वास्थ्य |
47044 |
38452 |
8592 |
|
अजा-अजजा |
37425 |
33245 |
4180 |
|
राजस्व |
20744 |
11214 |
9530 |
|
कृषि |
10129 |
6200 |
3929 |
|
जल संसाधन |
8089 |
6717 |
1372 |
|
शेष अन्य |
109292 |
91210 |
18084 |
|
कुल |
440485 |
354810 |
85675 |
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/mp/news/shivraj-singh-chouhan-cabinet-meeting-update-madhya-pradesh-govt-will-fill-up-vacant-posts-127930233.html
No comments:
Post a Comment