Wednesday, November 25, 2020

इस बार रातभर नहीं गूंजी शहनाई, 10 बजे से पहले हो गई विदाई; कई जगह सुबह बारात, दोपहर में फेरे

(गौरव शर्मा/ विश्वनाथ सिंह/प्रणय चौहान) बुधवार को कोरोना काल की पहली देवउठनी ग्यारस हर उस परिवार के लिए यादगार बन गई जिनके घर शादी की शहनाई बजी। जो शादी की हर रस्में इफरात से होती थीं वह बुधवार को रैपिड एक्शन मोड में नजर आईं। अधिकांश परिवारों ने शाम की जगह सुबह बैंड-बाजों के साथ बारात निकाली। शाम या रात को होने वाले सात फेरे, सुरुचि भोज व अन्य रस्में कई जगह तो दोपहर में संपन्न हो गईं। वहीं बड़े गार्डन और होटल की शादियों में 4 बजे से बारात निकली। छह बजे से रिसेप्शन हुआ। 10 बजने से पहले समापन हो गया। पश्चिमी रिंगरोड के तमाम गार्डन हों या बायपास के लग्जरी होटल और गार्डन। सब जगह कोविड-19 की गाइडलाइन का सख्ती पालन नजर आया।

देवउठनी ग्यारस पर शहर में डेढ़ हजार से ज्यादा शादियां हुईं, कई जगह सुबह बारात, दोपहर में फेरे हो गए

सुबह बारात
सुबह बारात
दिन में फेरे
दिन में फेरे
शाम को भोजन
शाम को भोजन
और फिर विदाई
और फिर विदाई

स्वागत सैनिटाइजर से
शादी में मेहमानों का स्वागत दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी के स्लोगन के साथ ही हुई। 20 कदम आगे चलने पर सैनिटाइजर से हाथ भी धुलवाए गए। इसके बाद गार्डन में पहुंचते ही खाने के स्टॉल से लेकर स्टेज के सामने की कुर्सी तक सब 3-3 फीट की दूरी पर। इसमें भी परिवार के लोग हंसी, मजाक या डिनर लेते-लेते पास आते तो गार्डन संचालक उन्हें दूरी की अपील करते।

9 बजे तक गार्डन खाली
कोरोना काल से पहले की शादियों में शाम 7 बजे समारोह खाली-खाली रहते थे। रात नौ बजे तक भीड़ नजर आती थी, लेकिन बुधवार को उलटा ही हुआ। सात से आठ बजे के बीज अधिकतम 150 से 170 लोग पहुंचे। नौ बजने तक गार्डन खाली भी होना शुरू हो गए। वर और वधू के परिजन के अलावा कुछ ही मेहमान रह गए और जो रस्में रह गई वह पूरी की गईं।

10 बजे बाद 10 लोग ही बचे
10 बजे तक तो गार्डन के बाहर और अंदर के हाईमास्ट ही बंद कर दिए गए। केवल परिवार के लोग फेरे के लिए एक हॉल में सिमट कर रह गए। दूर के रिश्तेदारों को फेरे की रस्म दिखाने के लिए जगह-जगह मोबाइल चार्ज होते नजर आए। रात को फेरे शुरू होने पर पांच से सात परिजन ही वीडियो कॉल के जरिए फेरे दिखाते नजर आए। रातभर चलने वाला जश्न चंद घंटों में सिमट गया।

इधर दो अच्छी पहल...
भोज निरस्त किया...
विधायक संजय शुक्ला ने अपने बेटे की शादी का भोज कोरोना को देखते हुए निरस्त कर दिया। 31 हजार कार्ड बंट चुके थे। समारोह 9 व 11 दिसंबर को था। शुक्ला ने बताया कि अब सिर्फ परिवार की मौजूदगी में कार्यक्रम होगा।
बारात में सिर्फ 50 लोग... भाजपा नेता चंदू शिंदे ने भी बेटी का शादी समारोह सीमित कर लिया है। 8 व 9 दिसंबर के समारोह के लिए 51 पत्रिकाएं छपवाई हैं। बारात में सिर्फ 50 लोग बुलाए।



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This time, the shehnai did not sound overnight, farewell before 10 o'clock; Processions in the morning in many places, in the afternoon


source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/this-time-the-shehnai-did-not-sound-overnight-farewell-before-10-oclock-processions-in-the-morning-in-many-places-in-the-afternoon-127948935.html

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