मछौंडी पंचायत के पेठिया गांव की बिस्मिल्लाह स्वयं सहायता समूह अध्यक्ष सन्नो उर्फ शाहिना पति मुश्ताक को मध्याह्न भोजन में तेल, घी की जगह अमानक स्तर का खाद्य पदार्थ इस्तेमाल करने के मामले में दोषी पाते हुए अपर कलेक्टर के न्यायालय ने 5 हजार जुर्माने से दंडित किया।
22 अगस्त 19 को एक पाठक की शिकायत पर भास्कर टीम ने खाद्य औषधि विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर जाकर रियलिटी चेक किया था। इस दौरान पेठिया गांव में प्राथमिक स्कूल के बच्चों को स्वयं सहायता समूह अध्यक्ष सन्नो उर्फ शाहिना द्वारा बच्चों को मध्याह्न भोजन वितरण किया जा रहा था। तब खाद्य औषधि निरीक्षक राधेश्याम गोले व केएस साेलंकी ने पुलाव के सैंपल जब्त कर जांच के लिए भेजा था। जिसकी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि बच्चों के भोजन में ना तो घी है ना ही तेल, यह एक अमानक प्रकार का तरल पदार्थ है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।
भास्कर में खुलासे के बाद दूसरे ही दिन तत्कालीन कलेक्टर तन्वी सुंद्रियाल ने समूह को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया। साथ ही जिले के 300 अधिकारियों को मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता जांचने की जिम्मेदारी सौंपी गई। 1071 ग्रामीण शालाएं, 54 शहरी, 13 अनुदान प्राप्त शालाएं व 11 मदरसों की छह माह तक मानीटरिंग कर अफसरों ने भोजन की गुणवत्ता को परखा गया। जांच के दौरान 50 से ज्यादा स्वयं समूहों में कार्य के प्रति लापरवाही व अनियमितताएं पाए जाने पर बंद किया गया।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/khandwa/news/neither-ghee-nor-oil-is-present-in-the-mid-day-meal-it-is-a-non-standard-liquid-127775907.html
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