कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए कोविड केयर सेंटर पर डटे 7 चिकित्सक अष्टमी व नवमी पूजन के लिए घर नहीं जा पाए। ये कोरोना योद्धा निरंतर 7 माह से कोरोना रोकथाम में लगे हैं।
कोविड केयर सेंटर में 13 मार्च से चिकित्सक नियुक्त है। इन दौरान कई बार काेरोना मरीजों की संख्या 100 व 250 पार भी पहुंची। वहीं कई बार कुछ दिनों तक 5 से 10 मरीज ही रहे। समय के साथ प्रशासनिक अमला, पुलिस अधिकारी व जवान सहित कई विभागों के अधिकारी ड्यूटी से मुक्त होकर अपने-अपने काम में लग गए। आज भी शासकीय चिकित्सक कोरोना योद्धा की भूमिका निभा रहे हैं। इसके कारण अष्टमी व नवमी पूजन के लिए भी घर नहीं जा सके। डॉ. निशांत शर्मा के घर पर अष्टमी पूजन होता है। वे सुबह राउंड लेकर घर पर पूजा के लिए जाने मन बना रहे थे तभी शामगढ़ से बुजुर्ग रेफर होकर कोविड केयर सेंटर पहुंच गया। वे उसकी देखभाल में लग गए। इसमें शाम तक उन्हें समय नहीं मिल पाया, सभी 7 डॉक्टर महीनों से घरवालों से दूर धर्मशाला में निवास कर रहे हैं।
घर गए लेकिन बीवी-बच्चों से नहीं मिल पाए
डॉ. राजेश बोराना को 26 मई से 2 जून, 4 से 10 अक्टूबर का रेस्ट दिया गया। इस दौरान ये घर पर तो रहे लेकिन क्वारेंटाइन। बीवी व बच्चों से नहीं मिल पाए। अष्टमी व नवमी पर भी पूजन के लिए घर नहीं जा सके। इसी तरह सेंटर पर डॉ. लोकेश, डॉ. अजय मंडलोई, डॉ. मुकेश कुमावत, डॉ. दिनेश कुमावत, डॉ. सत्यनारायण कुमावत सेवाएं दे रहे हैं।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/mandsaur/news/doctors-who-have-been-serving-at-the-kovid-care-center-since-march-did-not-even-go-home-on-ashtami-navami-127850884.html
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