Thursday, September 17, 2020

जिनका गनों से दूर तक वास्ता नहीं, ऐसे हाथों ने चमत्कार कर दिखाया... सबसे बड़े गोले दागने वाली सारंग

155एमएम का भारी भरकम गोला दागने वाली गनें तैयार करने का कारनामा उन हाथों ने कर दिखाया है जिनका दूर-दूर तक इससे वास्ता नहीं रहा। वाहन निर्माणी में आम तौर पर युद्धक वाहन बनाने वाले आयुध कर्मियों ने सारंग तोप के साथ हर चुनौती को पार करते हुए जब सेना को इसे सौंपा तो हर एक कर्मी का सीना गर्व से चौड़ा हो गया।

इस महान अवसर पर वीएफजे के महाप्रबंधक भी बोले कि उन्हें ऐसे हुनरमंदों पर फक्र है। वाहन निर्माणी में फ्लेगिंग सेरेमनी के दौरान भारतीय सेना के कई आला अधिकारी मौजूद रहे। निर्माणी में अपग्रेड की गई तीन सारंग गनों को आर्मी के हवाले करने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की गई।

पहले सीखा, फिर आगे बढ़े

वाहन निर्माणी के महाप्रबंधक अतुल गुप्ता ने कहा कि ऐसी गन बनाना जिसमें निर्माणी का स्टाफ पारांगत नहीं है हमारे लिए चुनौतियों से भरा काम था। हमने पहले मापदंडों को समझा, सीखा और तय कर लिया गया कि क्वॉलिटी के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। क्वाॅलिटी एश्योरेंस के ऑफीसरों के चैक करने से पहले हमने खुद परीक्षण में कोई कसर नहीं छोड़ी। हमने कोई शाॅर्ट कट न मारते हुए पूरी तसल्ली के साथ हर एक प्रक्रिया को पूरा किया।

सेना को चाहिए 99.99 एक्यूरेसी - सेरेमनी के दौरान सीक्यूए के कंट्रोलर ब्रिगेडियर आईएम सिंह ने कहा कि यह खुशी का क्षण है। यह ऐसा कार्य है जिसमें गलती के लिए गुंजाइश ही नहीं है। उन्होंने कहा कि सेना जब फायर करती है तो उसे 99.99 प्रतिशत सेटिस्फेक्शन की अपेक्षा होती है। उन्होंने कहा कि आर्टीलरी, बैरल, रिकॉल सिस्टम को लेकर इस तरह से एश्योर होना चाहिए कि नाम मात्र की भी कमी न निकाली जा सके।

300 गनों का टारगेट - सारंग गनों के लिए आयुध निर्माणी बोर्ड को 300 गनों के अपग्रेडेशन का टारगेट हासिल हुआ है। जानकारों का कहना है कि इसकी जिम्मेदारी मुख्य रूप से जीसीएफ तथा वीएफजे को सौंपी गई है। जीसीएफ का इतिहास ही तोपों के निर्माण से जुड़ा रहा है, लेकिन वीएफजे के लिए यह वाकई चुनौती भरा टास्क रहा।

साल्टम से सारंग तक - इजरायली तकनीक पर बेस्ड 130एमएम गन को नए जमाने की टेक्नाेलाॅजी से लैस किया जा रहा है। साल्टम गन के रूप में जानी जाने वाली इस तोप के बैरल में बड़ा बदलाव किया गया है। सैन्य सुधार के तहत सभी गनों और टैंकों के बैरल को 155एमएम में अपग्रेड किया जाना है। इस तरह के अपग्रेडेशन से फायदा यह है कि दूसरी गनों में उपयोग लाए जाने वाले एक ही तरह के गोले सारंग से भी फायर किए जा सकेंगे।



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Whose hands are not far away from the guns, such hands have done wonders ... the biggest balloon-colored ball


source https://www.bhaskar.com/local/mp/jabalpur/news/whose-hands-are-not-far-away-from-the-guns-such-hands-have-done-wonders-the-biggest-balloon-colored-ball-127729355.html

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