Saturday, September 26, 2020

कयासों पर लगा विराम, विजयवर्गीय का कद बढ़ा, अमित शाह के बाद अब राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी दिया मौका

अभाविप से राजनीतिक करियर शुरू करने वाले कैलाश विजयवर्गीय की छवि कभी हार नहीं मानने वाले नेता की रही है। पार्टी ने जहां चुनाव लड़ने भेजा, जीते, जहां संगठन का काम सौंपा, सफल रहे। यही वजह है कि पहले अमित शाह और अब जेपी नड्‌डा ने भी उन पर भरोसा जताया। इस बार वैसे दायित्व के दोबारा मिलने में कई बाधाएं थीं। राजनीतिक विरोधी कई तरह की चर्चाएं चला रहे थे। उनसे ये संकेत मिलने लगे कि इस बार कुछ चौंकाने वाला हो सकता है, लेकिन शनिवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्‌डा ने अपनी टीम में उन्हें साथ लेकर सभी कयासों को गलत साबित कर दिया।
पहले हरियाणा, फिर बंगाल में दिलाई जीत : 2014 में कठिन माने जा रहे हरियाणा चुनाव के लिए आलाकमान ने विजयवर्गीय को जिम्मेदारी दी। वहां उन्होंने पार्टी को न सिर्फ जीत दिलाई, बल्कि बहुमत के साथ सरकार बनवाई। 2015 में वे पहली मर्तबा महासचिव बने। उन्हें पश्चिम बंगाल का प्रभारी बनाया, जहां पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में 18 सीटें जीतीं।
कांग्रेस के गढ़ में चुनाव लड़े, जीते और फिर उसे भाजपा का गढ़ बनाया : 1983 में पहली बार पार्षद बने विजयवर्गीय को चुनाव लड़ने का माहिर खिलाड़ी माना जाता है। 1990 में वे पहली बार चार नंबर विधानसभा से चुनाव जीते। इसके बाद चार नंबर विधानसभा में भाजपा कभी नहीं हारी। 1993 में दो नंबर सीट पर पहुंचे, जहां कांग्रेस का दबदबा था। इसे जीतकर भाजपा की सीट बनाया।

यहां से 93 के अलावा, 98 और 2003 में जीते। 2008 में पार्टी ने एकदम नई जगह महू भेजा तो दो बार वहां से भी चुनाव जीतकर विश्लेषकों को हैरत में डाला। 1999 से 2004 तक वे महापौर भी रहे। 2003 में उमा भारती की सरकार में पहली बार मंत्री बनने के बाद लंबे समय तक मंत्रिमंडल में रहे।



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There was a break on speculation, Vijayvargiya's stature increased, after Amit Shah, now National President JP Nadda also got a chance


source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/there-was-a-break-on-speculation-vijayvargiyas-stature-increased-after-amit-shah-now-national-president-jp-nadda-also-got-a-chance-127757171.html

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