Thursday, September 17, 2020

बघवाड़ में डीजल जनरेटर से राेशन हाे रहे घर, ट्रांसफार्मर जलने से गांव में 7 दिनाें से बिजली नहीं


प्रदेश सरकार गांवाें में भले ही चाैबीस घंटे बिजली देने का दावा करती है, लेकिन ब्लाॅक के कई गांवाें में यह दावा खाेखला साबित हाे रहा है। गांवाें में कई कारणाें से ग्रामीणाें काे लगातार चाैबीस घंटे बिजली नहीं मिल रही है। इसका बड़ा कारण ट्रांसफार्मराें का बार-बार जलना है। ताजा उदाहरण बघवाड़ गांव का है। इस गांव का ट्रांसफार्मर पिछले 7 दिनाें से जला पड़ा है। शाम हाेते ही पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है।

गांव के कुछ लाेग डीजल जनरेटर से अपने घराें में राेशनी की व्यवस्था कर रहे हैं। जिनके घराें में जनरेटर नहीं हैं, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली कंपनी करताना के सब स्टेशन से गांव में बिजली सप्लाई की जाती है। सब स्टेशन पर भी ग्रामीणाें की सुनवाई नहीं हाे रही है। ग्रामीण भीषण गर्मी व उमस के कारण परेशान हैं। बघवाड़ की जनसंख्या करीब 2800 है। 300 से भी अधिक बिजली कनेक्शन हैं। ट्रांसफार्मर मात्र 100 एचपी का है। वह बार बार जल रहा है। पिछले एक सप्ताह से तेज धूप के कारण उमस हो रही है।

ऊपर से गांव में बिजली नहीं होने से गांव के बच्चे, युवा व बुजुर्ग काफी परेशान हैं। रात्रि के समय तो अधिक समस्याएं बढ़ जाती हैं। तेज गर्मी व धूप के कारण अनेक प्रकार के मच्छर व जीव बाहर निकल आते हैं। बिजली कंपनी का ग्रामीणाें की इस समस्या पर ध्यान नहीं है। बिजली कर्मचारियाें ने कभी बघवाड़ पहुंचकर ग्रामीणों की समस्या की सुध नहीं ली। इसका परिणाम है कि गांव में काफी दिनों से अंधेरा छाया हुआ है।
जेई महेंद्र कुमार गाेंडे का कहना है कि तीन बार गांव का ट्रांसफार्मर बदला है। कुछ किसान खेतों में टप्पर तक बिजली ले जाते हैं। इसलिए बार-बार ट्रांसफार्मर जल रहा है। ऐसे लाेगाें पर कार्रवाई की जाएगी। जल्द ट्रांसफार्मर बदला जाएगा।


ट्यबवेलाें से कर रहे पानी की व्यवस्था
गांव में बिजली नहीं होने के कारण गांव में पेयजल समस्या भी आ खड़ी हुई है। गांव के बड़े किसान खुद के घर तथा आसपास रहने वाले लाेगाें के घराें में जनरेटर से किसी तरह पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। जनरेटर की मदद से ट्यूबवेल की माेटर चलाई जा रही है। तब कहीं जाकर गांव के कुछ घराें में पानी की व्यवस्था हाे रही है। कुछ स्थानों के हैंडपंप भी बंद पड़े हैं। साथ ही गांव की आटा चक्कियां भी बंद हैं। बिजली नहीं होने के कारण महिलाएं, युवा तथा बच्चे लंबी दूरी से हैंडपंपों से पीने का पानी ला रहे हैं। इसके बाद भी जवाबदाराें का ध्यान नहीं है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Diesel generator houses have been rationed in Baghwad, no electricity for 7 days in village due to transformer burning


source https://www.bhaskar.com/local/mp/hoshangabad/timarni/news/diesel-generator-houses-have-been-rationed-in-baghwad-no-electricity-for-7-days-in-village-due-to-transformer-burning-127729313.html

No comments:

Post a Comment