स्वच्छता में चौका लगाने वाले इंदौर ने पांचवीं बार नं. 1 आने की तैयारी में बड़ा काम कर लिया है। इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 की एक शर्त यह भी है कि शहर की प्रमुख सड़कों को मैकेनाइज्ड मशीनों से साफ किया जाए। इंदौर में पहले 13 मशीनों से हर दिन 300 किमी की सड़कें साफ होती थीं। नगर निगम ने 10 मशीनें और बढ़ा ली हैं। अब 23 रोड स्वीपिंग मशीनों से रोज करीब 700 किमी सड़कें साफ होंगी। ऐसा करने वाला इंदौर देश में पहला शहर होगा।
अपर आयुक्त संदीप सोनी ने मंगलवार को विजय नगर चौराहे पर 10 नई रोड स्वीपिंग मशीनों की शुरुआत की। उन्होंने बताया इन मशीनों की विशेषता यह है कि ये महीन धूल के कणों से लेकर मोटी रेत, प्लास्टिक कचरा भी आसानी से उठा लेती हैं। मशीनों में पानी के फव्वारे भी लगे होते हैं, जिससे सफाई के वक्त सड़क धुलकर साफ भी हो जाती है। इस कारण इंदौर को क्लीनेस्ट रोड का अवाॅर्ड भी मिल चुका है। चूंकि शहर तेजी से चारों दिशाओ में फैल रहा है और सड़कों की लंबाई भी पहले की तुलना में बढ़ चुकी है, इसे देखते हुए 10 नई रोड स्वीपिंग मशीनों की जरूरत थी।
10 नई मशीनें खरीदीं, अब 23 मैकेनाइज्ड मशीनों से हो रही सफाई
मशीन: रावो, नीदरलैंड
खासियत: यह मशीन राजबाड़ा के आसपास के एरिया को कवर करती है।
खासियत: मेट्रो प्रोजेक्ट में धूल ज्यादा उड़ेगी। वहीं यह काम आएगी।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/indore-is-the-first-city-where-700-km-of-roads-are-being-cleaned-every-day-by-machines-127744411.html
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