Saturday, September 5, 2020

लापरवाही का आईसोलेशन.. मौत के 50 घंटे बाद रिपोर्ट पॉजिटिव

संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल जेएएच अब काेराेना संक्रमिताें की माैतों को छुपाने के लिए रिपोर्ट में देरी कर रहा है। ऐसा ही एक मामला शनिवार को सामने आया है। सांस लेने में तकलीफ होने के कारण गोवर्धन कॉलोनी निवासी 74 वर्षीय छोटे सिंह सिकरवार को परिजन गुरुवार सुबह निजी अस्पताल ले गए थे, जहां से सुबह 11 बजे उन्हें जेएएच ले जाया गया। यहां उन्हें आईसाेलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया गया। दोपहर ढाई बजे उनका कोरोना टेस्ट हुआ। छोटे सिंह के साथ उनके छोटे भाई बदन सिंह सिकरवार का भी सैंपल लिया गया, लेकिन शुक्रवार को रिपोर्ट नहीं आई।

छोटे सिंह के बेटे भानू सिंह के मुताबिक, मैंने जब डाॅक्टरों से पूछा तो उन्होंने कहा, रिपोर्ट आने में 48 घंटे से 7 दिन तक का समय लग सकता है। शाम 4 बजे छोटे सिंह की मौत हो गई। इसके बाद भी डॉक्टरों ने शव को सुरक्षित नहीं रखवाया बल्कि परिजन से कह दिया कि शव ले जाओ। परिजन ने समझदारी दिखाई और कहा कि रिपोर्ट आने से पहले अंत्येष्टि नहीं करेंगे। शनिवार शाम 4:30 बजे छोटे सिंह की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद कोरोना प्रोटोकॉल के तहत लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम स्थित विद्युत शवदाहगृह मेंं उनका अंतिम संस्कार किया गया।

सैंपल देने के 10 घंटे बाद मरीज ने दम तोड़ा, इलाज ही नहीं हाे पाया शुरू

भिंड निवासी शांति देवी ग्वालियर में बेटे अजय के साथ छत्री मंडी में रहती थीं। सांस लेने में तकलीफ के कारण उन्हें जेएएच के आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया। गुरूवार को सैंपल लिए गए। सैंपल देने के दस घंटे बाद ही उनकी मृत्यु हो गई। रिपोर्ट शुक्रवार को आई। शांति देवी और छोटे सिंह सिकरवार के अलावा कम्मोद सिंह निवासी भितरवार की भी जांच रिपोर्ट आने से पहले मृत्यु हो गई थी।

भास्कर सवाल?

गंभीर हालत होने के बाद भी कोरोना संदिग्ध के इलाज में तत्परता क्यों नहीं?

जेएएच के आईसाेलेशन वार्ड में भर्ती कई मरीजों की हालत गंभीर होती है। इसके बाद भी इन मरीजों को प्लाज्मा थैरेपी या रेमेडिसिवर दवा का इंजेक्शन नहीं दिया जाता है, क्योंकि कोरोना रिपोर्ट में ही 36 से 60 घंटे का वक्त लग जाता है। जबकि ऐसे मरीजों को तत्काल सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में शिफ्ट किया जाना चाहिए, लेकिन रिपोर्ट के इंतजार में मरीज की जान पर बन आती है।

किट आते ही टेस्ट शुरू कर दिए जाएंगे

आईसोलेशन वार्ड में भर्ती काेराेना संदिग्ध मरीजों की जांच रैपिड एंटीजन किट से ही होंगी। इस बारे में कलेक्टर से भी चर्चा हो चुकी है। जैसे ही किट मिलेंगी, हम टेस्ट शुरू करा देंगे। -डाॅ. आरकेएस धाकड़, अधीक्षक, जेएएच

जेएएच और मानसिक आरोग्यशाला के 2 पीजी छात्र निकले संक्रमित

शनिवार को जीआरएमसी के आर्थोपेडिक विभाग और मानसिक आरोग्यशाला के दो पीजी छात्र, जेएएच के पूर्व अधीक्षक की पत्नी और बेटी की रिपोर्ट पाॅजिटिव आई। वहीं फिजियोलाॅजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर की पत्नी, डीपीएस की शिक्षक, आईसीआईसीआई बैंक की तानसेन नगर ब्रांच के अधिकारी, संगीत विवि के शोध प्रभारी और बीआईएमआर के सायकोलोजिस्ट भी संक्रमित मिले हैं। लक्कड़ खाना निवासी साॅफ्टवेयर इंजीनियर व उनके ससुर, रेलवे के इंजीनियर की मां, पत्नी और 6 वर्षीय बेटी संक्रमित निकलीं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Isolation of negligence .. Report positive 50 hours after death


source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/isolation-of-negligence-report-positive-50-hours-after-death-127690649.html

No comments:

Post a Comment