पांच माह बाद शनिवार सुबह से भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, इंदौर और नरसिंहपुर के लिए बसें चलीं। लेकिन किसी में 6 तो किसी में अधिकतम 12 सवारियों ने सफर किया। यात्रियों की संख्या देखकर कई बस अॉपरेटर्स तो स्टैंड पर बस खड़ी करने से ही पीछे हट गए।
वहीं कई बसें 5 माह से एक ही स्थान पर खड़ी होने के कारण सुधरती हुईं दिखीं। स्थिति यह है कि चार घंटे तक एक ही बस खड़ी रही और उसमें भी केवल 6 सवारियों ने भोपाल तक का सफर किया। चार्टेड बस सेवा तो अब तक संचालन शुरू करने की हिम्मत ही नहीं जुटा पा रही है। कोविड के प्रोटोकॉल की बात करें तो यात्रियों की संख्या कम होने के कारण सोशल डिस्टेंसिंग तो दिखी, लेकिन बस स्टैंड और बस के भीतर 90% यात्री बगैर मास्क के घूमते मिले। शनिवार को कुल 13 बसों का संचालन किया गया, जिसमें लगभग 110 यात्रियों ने सफर किया।
किराया पहले जितना ही, लेकिन बस चलने के लिए दो से तीन घंटे का करना पड़ सकता है इंतजार
बस स्टैंड पर जब भास्कर टीम ने यात्रियों से किराए के संबंध में चर्चा की तो सामने आया कि साधारण बस में भोपाल तक के सफर के लिए 200 रुपए लिए जा रहे थे, जो कि पूर्व में निर्धारित किराए के बराबर ही है। लेकिन बसें न चलने की आड़ में टैक्सी संचालकों ने कई यात्रियों से भोपाल तक 500 रुपए भी वसूले हैं। लेकिन अब बसों का संचालन शुरू होने के बाद काफी हद तक टैक्सी संचालकों की इस मनमानी पर लगाम कसेगी।
यात्रियों का दर्द
- अहमदाबाद के 57 वर्षीय रवि तीन दिन से बस स्टैंड पर डेरा डाले हुए हैं। इन्हें दमोह के नोहटा जाना है, लेकिन दो दिन के इंतजार के बाद भी तीसरे दिन बस नहीं चली। बस के इंतजार में पर्स चोरी हो गया, खाने के लाले पड़े हैं।
- महाराष्ट्र के सोलापुर निवासी नरेंद्र राजपूत ने बताया िक टैक्सी में 500 रुपए किराया देकर सागर पहुंचे। दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक बस में ही इंतजार करते रहे। इतने में तो बस भोपाल ही पहुंच जाती।
- नागपुर महाराष्ट्र से सागर आए सोनू तायडे ने बताया कि उन्हें सागर तक आने में तीन दिन लगे हैं। परेड मंदिर तक जाने के 400 रुपए मांग रहे हैं। क्या सागर में ऑटो चालकों का किराया तय नहीं है?
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/mp/sagar/news/raunak-did-not-return-to-the-bus-stand-even-after-5-months-13-buses-left-on-the-first-day-110-passengers-were-found-6-rides-after-waiting-for-four-hours-127690684.html
No comments:
Post a Comment