Friday, August 7, 2020

अरोरा बंधुओं की जमानत पर हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित

33 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी के आरोप में गिरफ्तार किए गए सोम डिस्टलरीज के डायरेक्टर जगदीश अरोरा और उनके भाई अजय कुमार अरोरा की जमानत अर्जी पर हाईकोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई पूरी हो गई। चीफ जस्टिस अजय कुमार मित्तल और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ ने दोनों की जमानत पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी व अधिवक्ता अजय गुप्ता की दलील थी कि डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस ने पूरी कार्रवाई बिना किसी असेसमेंट के की है। मामले में जरूरत न होने के बाद भी उनके मुवक्किलों की गिरफ्तारी की गई, क्योंकि वे कंपनी के डायरेक्टर ही नहीं हैं। ऐसे में डीजीजीआई द्वारा की गई कार्रवाई काल्पनिक प्रतीत हो रही। वहीं डीजीजीआई की ओर से एडीशनल सॉलिसिटर जनरल विक्रमजीत बैनर्जी और सिद्धार्थ सेठ की दलील थी कि अब तक की जाँच में दोनों आरोपियों की संलिप्तता पूरी तरह दिखाई दे रही है। आरोपियों ने अपने ही 40 हजार पगार पाने वाले एक कर्मचारी को सिर्फ कागजों पर डायरेक्टर बना दिया। यह बात खुद उस कथित डायरेक्टर ने अपने बयान में कही है। इतना ही नहीं दोनों ही आरोपियों के कहने पर सेनिटाइजर का निर्माण हुआ। यदि उन्हें जमानत का लाभ मिला तो इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि वे जाँच को प्रभावित करेंगे।

दो एटीएम से 45 लाख पार करने वाले को जमानत नहीं
गैस कटर से जुन्नारदेव में लगीं दो एटीएम मशीनों को काटकर 45 लाख 30 हजार रुपए पार करने के आरोप में 25 अगस्त 2019 को गिरफ्तार बैतूल जिले की आमला तहसील के ग्राम बरछी में रहने वाले कैलाश पाल की जमानत अर्जी जस्टिस राजीव कुमार दुबे ने खारिज कर दी है। आरोपी ने 23 और 24 जुलाई 2019 की रात को अपने साथियों के साथ इस वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी पर लगे आरोपों को गंभीरता से लेते हुए अदालत ने कहा कि गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से 3 लाख 20 हजार रुपए बरामद हुए थे, इसलिए उसे जमानत का लाभ देना उचित नहीं है। शासन की ओर से पैनल अधिवक्ता पुनीत श्रोती ने पैरवी की।
एपीओ का तबादला हाईकोर्ट से निरस्त
जस्टिस सुजय पॉल की एकलपीठ ने कटनी जिले के बहोरीबंद जनपद पंचायत में एडीशनल प्रोजेक्ट डायरेक्टर (एपीओ) के पद पर कार्यरत डॉ. अजीत सिंह के 22 जून 2020 को उमरिया जिले में किए गए तबादला आदेश को निरस्त कर दिया है। तबादले को लेकर अपनाई गई प्रक्रिया को विधि सम्मत न पाते हुए अदालत ने उसे खारिज किया। हालाँकि अदालत ने जिला पंचायत कटनी के सीईओ को कहा कि वे आवेदक की संविदा अवधि को लेकर विधि अनुसार विचार करने स्वतंत्र होंगे। आवेदक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजय मिश्रा व अधिवक्ता सत्येन्द्र ज्योतिषी ने पैरवी की।

गृह सचिव को अवमानना नोटिस
सैनिक कल्याण बोर्ड भोपाल में पदस्थ अकाउण्ट ऑफीसर रमेश कुमार को सातवें वेतनमान का लाभ नहीं दिए जाने संबंधी अवमानना मामले पर जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की एकलपीठ ने प्रदेश के गृह सचिव सत्य नारायण मिश्रा को नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ब्रजेन्द्र सिंह कुशवाहा ने सुनवाई के दौरान दलील दी कि 7 जनवरी 2020 को हाईकोर्ट द्वारा दिए आदेश के बाद भी उनके मुवक्किल को सातवें वेतनमान का लाभ नहीं दिया गया, जो अदालत के आदेश की अवमानना है।



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High court's decision on bail of Arora brothers secured


source https://www.bhaskar.com/local/mp/jabalpur/news/high-courts-decision-on-bail-of-arora-brothers-secured-127596982.html

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