दिगंबर जैन समाज के पर्युषण पर्व में गुरुवार को जिनालयों में समाजजनों ने अभिषेक, शांतिधारा के बाद सत्य धर्म की पूजा-अर्चना की। शुक्रवार को धूप दशमी का पर्व मनाया जाएगा। समाजजन घर पर ही पर्व मनाएंगे। इस अवसर पर समाजजन सभी मंदिरों के ऑनलाइन दर्शन कर सकेंगे।
युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुयश जैन और महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष रुचि गोधा ने बताया सुगंध दशमी पर्व पर मंदिर में सुगंधित धूप अर्पित की जाती है। इस साल कोरोना की वजह से प्रथा पर विराम लग रहा है। इस दिन समाज के अध्यक्ष भरत मोदी के मार्गदर्शन में सभी मंदिर के ऑनलाइन दर्शन कराने की तैयारी की गई है।
शाम 7 से रात 10 बजे तक ऑनलाइन होंगे मंदिरों के दर्शन
शाम 7 से रात 10 बजे तक मंदिर के दर्शन कराने का सिलसिला जूम एप के साथ फेसबुक पर लाइव चलेगा। साथ ही वहां का इतिहास बताया जाएगा। प्रमुख रूप से बनेड़िया, गोम्मटगिरि, तीर्थोदय धाम प्रतिभा स्थली, मोदीजी की नसिया, रामाशाह, कांच मंदिर सहित 50 से ज्यादा जिनालय के दर्शन ऑनलाइन होंगे।
सही को सही और असत्य को असत्य कहना ही सत्य वचन है : प्रसन्नसागर
अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर महाराज ने ऑनलाइन प्रवचन में कहा- सत्य को सत्य, असत्य को असत्य कहना ही सत्य वचन है। आत्मा के अतिरिक्त सर्व पदार्थों को पर मानना और आगमानुकूल वचनों को आत्मा में स्थान देना सत्य धर्म है। सत्य ही शाश्वत है, सत्य ही वस्तु का स्वभाव है। यथार्थ स्वभाव में लीनता ही सत्य धर्म है। सत्य से बढ़कर कोई दूसरा मुक्ति प्रदाता नहीं है। सत्य साधना से जागृत होता है। साधना से मर जाता है। सत्य का संबंध केवल सच बोलने से नहीं है।
वाणी मात्र से सत्य प्रकट नहीं होता। सत्य धर्म तो मन से प्रकट होता है। मौन होने से कोई सत्यवादी नहीं हो जाता। आदमी मुख से झूठ कम बोलता है, मन से झूठ ज्यादा बोलता है। मन हर वक्त झूठ में जीता है। सच कड़वा नहीं सच तो मीठा होता है। लोग सच को कड़वा बना देते हैं।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/socialists-will-be-able-to-sit-at-home-and-see-more-than-50-temples-history-127659652.html
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