Friday, August 28, 2020

प्रदेश में कोरोना आँकड़ों में सबसे ज्यादा अंतर जबलपुर में 269 संक्रमितों का डिफरेंस, अब कमांड सेंटर से होगा काम

जिले का स्वास्थ्य अमला कोरोना संक्रमण में पाँच महीने से ज्यादा समय से लगा है, लेकिन अभी कर्मचारी सही तरीके से काम करना नहीं सीख सके हैं। यही कारण है कि जिले में कुल संक्रमितों, मौतों, डिस्चार्ज और एक्टिव मामलों में वास्तविकता व कागजी आँकड़ों में 269 का अंतर आ रहा है। यह आँकड़ा प्रदेश भर के जिलाें में सबसे ज्यादा है। इंटीग्रेटेड डिसीज सर्विलांस प्रोजेक्ट(आईडीएसपी) की टीम के आँकड़ों में आने वाले अंतर को लेकर जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों से जवाब तलब किया जा रहा है।
132 मरीजों की जानकारी नहीं| कोरोना संक्रमित 132 मरीजों की जानकारी विभाग के पास नहीं है, या इसे पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया है। 26 अगस्त के आँकड़ों के अनुसार उस तिथि तक जिले में कोरोना के कुल 3582 संक्रमित थे, लेकिन पोर्टल की लाइन लिस्ट में 3450 की ही जानकारी अपलोड हुई है, अब बाकी 132 मरीज कौन हैं इसकी जानकारी दर्ज नहीं हुई है। इसी प्रकार कोरोना से मरने वालों के आँकड़े में भी 3 का अंतर बताया जा रहा है। उक्त तिथि तक जिले में कोरोना से 71 मौतें होना बताया गया, जबकि 68 की जानकारी ही लाइनअप हो सकी है।

डिस्चार्ज में 5 की जानकारी नहीं
कुल संक्रमितों और मौतों के साथ ही जिले में डिस्चार्ज मरीजों के आँकड़े भी दुरुस्त नहीं माने जा सकते, इसमें भी पाँच का अंतर है। 26 अगस्त तक कुल 2657 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज होना बताए गए, लेकिन पॉजिटिव लाइन लिस्ट के अनुसार यह आँकड़ा 2662 रहा, इसमें डिस्चार्ज किए गए पाँच मरीजों का अंतर है। वहीं एक्टिव केस में भी यह अंतर 134 मरीजों का है।
डबल जाँच की मॉनीटरिंग में कमी
जानकारी के अनुसार प्राइवेट लैब में कोविड जाँच की सुविधा शुरू होने के बाद लाेग पॉजिटिव होने के बाद दूसरी लैबों में भी जाँच करा रहे हैं, वहाँ भी रिपोर्ट पॉजिटिव होने पर उन्हें नए मरीजों की सूची में शामिल किया जा रहा है। आईडीएसपी टीम को व्यक्ति के फोन नंबर, पते के आधार पर कई जाँचें कराने वालों को चिन्हित करने की भी जिम्मेदारी है, लेकिन इस काम में ढिलाई हो रही है। सीएमएचओ ने बताया कि शुक्रवार को आईडीएसपी टीम को दमोहनाका स्थित कमांड सेंटर में काम करने के लिए कहा गया है जहाँ प्राथमिकता के साथ आँकड़ों के अंतर को दुरुस्त किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी इस काम में लगे हैं। पी-4

विक्टोरिया में गूँजा संगीत, मरीज खेल रहे कैरम-लूडो
आइसोलेशन पीरियड में कोरोना संक्रमित के लिए एकांकी होना सबसे खतरनाक है, इससे डिप्रेशन की संभावना बढ़ती है। पिछले दिनों कलेक्टर ने कोविड केयर सेंटरों के निरीक्षण के दौरान वहाँ भर्ती मरीजों के मनोरंजन के लिए इंतजाम करने के लिए कहा था। जिला अस्पताल विक्टोरिया में प्रबंधन ने संक्रमितों के मनोरंजन के लिए शुक्रवार से वार्ड में एफएम रेडियो का इंतजाम कराया, खामोशी में डूबे वार्ड में जब संगीत गूँजा तो मरीजों को बेहतर अहसास हुआ। वहीं उन्हें कैरम और लूडो भी खेलने के लिए उपलब्ध कराए गए। वार्ड में भर्ती संक्रमित महिलाआें ने खेल में हिस्सा लिया।

दृष्टिबाधित कोरोना पॉजिटिव के इलाज में न हो लापरवाही
जबलपुर। जिले के 60 वर्षीय दृष्टिबाधित कोरोना पॉजिटिव को मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराने के साथ उसके उचित उपचार करने के निर्देश अस्पताल प्रबंधन को कमिश्नर महेशचंद्र चौधरी ने दिये। इसके साथ तीन और दृष्टिबाधित कोरोना पॉजिटिव हैं जिन्हें भर्ती कराकर उनके लिए हैल्पर, भोजन व इलाज के विशेष व्यवस्था संवेदनशीलता के साथ करने के निर्देश संबंधित चिकित्सकों को दिये। उन्होंने कहा कि दृष्टिबाधितों के इलाज में किसी तरह की लापरवाही न हो।
430 से वसूला साढ़े 56 हजार का जुर्माना
जबलपुर। कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिये तय प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने, मास्क न पहनने एवं फिजिकल डिस्टेंसिंग के नियम का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध जिले में चलाए जा रहे रोको-टोको अभियान के तहत शुक्रवार को 430 व्यक्तियों से 56 हजार 760 रुपये का जुर्माना वसूला गया है। इसमें पुलिस द्वारा 301 व्यक्तियों से 30 हजार 450 रुपये, नगर निगम द्वारा 57 व्यक्तियों से 18 हजार 710 रुपये का वसूला गया जुर्माना शामिल है।



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Difference in corona statistics in the state, difference of 269 infected in Jabalpur, now work will be done from command center


source https://www.bhaskar.com/local/mp/jabalpur/news/difference-in-corona-statistics-in-the-state-difference-of-269-infected-in-jabalpur-now-work-will-be-done-from-command-center-127663906.html

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