कभी सफाई में फिसड्डी रहने वाले ग्वालियर के लिए गुरुवार का दिन बड़ी उपलब्धि लेकर आया। पहली बार ग्वालियर देश के 4242 शहरों में टॉप 13 साफ और उम्दा शहराें की सूची में शामिल हो गया है। सर्वे में 1.16 लाख लोगों के पॉजिटिव फीडबैक, शहर को 3 स्टार रैकिंग और ओडीएफ डबल प्लस होने का फायदा ये मिला कि ग्वालियर को 6000 अंक में से 4696.36 नंबर हासिल हुए।
दरअसल, केंद्र सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने सबसे पहले ओडीएफ डबल प्लस के लिए सर्वे कराया था। उस वक्त दिल्ली से आई टीम को मौके पर खामियां मिली थीं। इस कारण ग्वालियर को ओडीएफ डबल प्लस नहीं दिया गया, लेकिन इससे ग्वालियर ने हिम्मत नहीं हारी।
सांसद विवेक नारायण शेजवलकर के साथ नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन ने दिल्ली में मंत्रालय के अधिकारियों से मिलकर दो बार सर्वे के लिए कहा। इस पहल का नतीजा यह रहा कि फिर से सर्वे हुआ और ग्वालियर को ओडीएफ डबल प्लस मिला। इस आधार पर 3 स्टार की रैकिंग भी मिल गई। इन दोनों के 1100 नंबरों से सर्वेक्षण की रैकिंग में फायदा मिला। साथ ही सिटीजन फीडबैक में 1500 में से सबसे ज्यादा नंबर 1250 मिले हैं।
इन तरीकाें से निखरी शहर की खूबसूरती और बढ़ाया मान
- डस्ट फ्री सड़क... पिछले दाे साल में नगर निगम ने शहर की करीब 70 सड़कों को डस्ट फ्री किया है। किराए पर ली गईं धूल खींचने वाली मशीनें रात में चलाई गईं। 12 उत्कृष्ट भी तैयार की गईं।
- ब्यूटीफिकेशन.. शहर की सूरत निखारने के लिए मुख्य मार्ग, तिराहे और चाैराहाें पर रंगीन लाइट्स लगाई गईं। टूटे डिवाइडर ठीक किए गए। स्वर्णरेखा पर पुलों पर जालियां लगाईं। ताकि काेई कचरा न फेंके।
- सेल्फी प्वाॅइंट.. उन स्थानाें काे सुंदर और व्यवस्थित किया गया, जहां लाेग कचरा फेंकते थे। शहर में ऐसे सात सेल्फी प्वाइंट बनाए गए। यहां बेंच रखीं गईं व रंगीन पेवर्स ब्लॉक लगाकर खूबसूरती बढ़ाई गई।
- रीसाइकिल... बैजाताल में सीवर के पानी को री-साइकिल किया गया। इसके बाद बोटिंग करने वाले सैलानियाें से 5 लाख कमाए। निर्माण कचरे का उपयोग पेवर्स ब्लाॅक बनाने में किया गया।
- कचरा कलेक्शन.. 66 वार्डों में कचरा कलेक्शन की माॅनीटरिंग का काम वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपा गया। कई कचरे के ठिए खत्म किए। उन इलाकों में हालात सुधरे, जहां कचरा पड़ा रहता था।
अब पांचवें नंबर के लिए करेंगे प्रयास... स्वच्छ सर्वेक्षण में शहर का 13वां स्थान आने से उत्साहित मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि अब 5वें नंबर के लिए प्रयास करेंगे। गौरतलब है कि श्री तोमर ने पिछले साल गली-मोहल्लों के नालों की सफाई खुद नालों में उतरकर जनसहयोग से कराई थी।
किस कैटेगरी में कितने नंबर
| सिटीजन फीडबैक | 1250 |
| डायरेक्ट ऑब्जर्वेशन | 1196 |
| डॉक्युमेंटेशन | 1150 |
| स्टार रेंटिंग व ओडीएफ | 1100 |
| नोट - यह नंबर पूर्णांक 1500 में से दिए गए हैं | |
सभी के सहयोग और बेहतर प्लानिंग से सुधरी रैंक
ग्वालियर, आयुक्त नगर निगम, संदीप माकिन ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण में ग्वालियर की रैंक सुधरने का आधार निगम कर्मियों की मेहनत, अफसरों की बेहतर प्लानिंग और लोगों का सहयोग है। सिटीजन फीडबैक में लोगों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। सबसे बड़ी चुनौती घर-घर से कचरे का कलेक्शन कर उसे लैंडफिल साइट तक पहुंचाना था। साथ ही कचरे के प्रकार के हिसाब से उनका निष्पादन करना भी जरूरी था।
हमने बिल्डिंग मटेरियल के कचरे से इंटर लॉकिंग टाइल्स बनाकर इस्तेमाल किया तो शहर से निकलने वाले कचरे से खाद और फ्यूल केक आदि बनवाए। गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माने की कार्रवाई की। साथ ही कचरे वाले स्थानों को सेल्फी प्वाइंट के रूप में विकसित किया गया। रोड किनारे की खाली दीवारों को पेंटिंग के जरिए सुंदर बनाया तो पार्कों व जलाशयों की हालत भी सुधारी।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/now-gwalior-among-the-13-cleanest-cities-of-the-country-116-lakh-people-feedback-improved-rank-127635948.html
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