श्रीकृष्ण जन्माष्टमी इस बार दाे दिन मनाई जाएगी। भगवान कृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि व राेहिणी नक्षत्र में हुआ था। इस बार अष्टमी तिथि 11 अगस्त काे शुरू हाेकर अगले दिन 12 अगस्त काे सुबह 7.47 बजे तक रहेगी। वहीं सर्वार्थ सिद्धि याेग 12 अगस्त काे रात 1.15 बजे तक रहेगा। लेकिन राेहिणी नक्षत्र दाेनाें दिन नहीं पड़ रहा है।
ज्योतिषाचार्य पंडित कैलाश भट्ट के मुताबिक 12 अगस्त काे जन्माष्टमी मनाना श्रेष्ठ रहेगा। इसके पहले 11 अगस्त काे स्मार्त सम्प्रदाय के लाेग जन्माष्टमी मनाएंगे। 12 अगस्त काे सूर्य के उदय हाेने के बाद सुबह 7.47 बजे तक अष्टमी तिथि रहेगी। इसलिए पर्व इसी दिन मनाना श्रेष्ठ हाेगा। इसी दिन पूजा के लिए
सर्वार्थ सिद्धि याेग का संयोग बन रहा है। वहीं इस दिन उदया तिथि होने की वजह से जन्माष्टमी मनाना ज्यादा लाभकारी माना जा रहा है इसलिए इसी दिन जन्माष्टमी मनाएं।
कोरोना का रहेगा असर : न तो शाेभायात्रा निकलेगी और न ही मटकी फोड़ प्रतियोगिता की जाएगी
काेराेना संक्रमण की वजह से सार्वजनिक कार्यक्रमों पर राेक है। इस कारण जन्माष्टमी पर शोभायात्रा नहीं निकल पाएगी। जबकि हर साल ग्वाला समाज में चल समारोह आयोजित करता है। इसके अलावा मटकी फोड़ प्रतियोगिता सहित अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम भी नहीं हाेंगे। मंदिरों में श्रद्धालु भीड़ नहीं लगा सकेंगे। मंदिरों में सिर्फ जन्मोत्सव आरती और अभिषेक हाेंगे। उल्लेखनीय है कि हर साल महाराणा प्रताप चौराहा व रामटेकरी पर मटकी फोड प्रतियोगिता आयोजित होती है, लेकिन इस बार यह प्रतियोगिता कोविड के कारण स्थगित कर दी गई है।
11 अगस्त काे सप्तमी रहेगी
पंडित भट्ट के अनुसार 11 अगस्त काे उदया तिथि में सप्तमी रहेगी। इस दिन अष्टमी तिथि सुबह 6.05 बजे से शुरू हाेगी, जाे अगले दिन 12 अगस्त सुबह 7.47 बजे तक रहेगी। इसके बाद भी पूर दिन जन्मोत्सव मनाया जाएगा। वैष्णव संप्रदाय अष्टमी तिथि काे ध्यान में रखते हुए 12 अगस्त काे भगवान का जन्मोत्सव मनाएंगे। इस दिन सूर्याेदय से रात 1.15 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि याेग भी है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/mandsaur/news/confusion-on-the-next-day-janmashtami-pandit-said-celebrating-12-will-be-the-best-this-day-is-also-becoming-a-coincidence-of-perfection-127603547.html
No comments:
Post a Comment