Thursday, June 25, 2020

बचपन से ही बच्चों काे संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और आयुर्वेद से जाेड़ने की पहल

आचार्य विद्या सागरजी के 53वें दीक्षा दिवस पर गुरुवार काे मगरधा राेड स्थित दयाेदय गोशाला में पाैध राेपण कार्यक्रम रखा गया। इसमें समाज के अध्यक्ष सुरेंद्र जैन ने कहा कि बचपन में ही पर्यावरण संरक्षण के संस्कार बच्चों काे देने चाहिए। उन्हें आयुर्वेद से जाेड़ने की पहल की जाए। इसके लिए सामाजिक स्तर पर पहल की जाएगी। समाज के कार्यक्रमाें में स्वदेशी अपनाने पर जाेर दिया जाएगा। इस माैके पर गोशाला में औषधीय पाैधे राेपे गए। इस माैके पर अागामी दिनाें में औषधीय पाैधे राेपने का संकल्प लिया। इस दाैरान हथकरघा से बने मास्क निशुल्क बांटे गए।
जैन ने कहा कि आचार्यश्री के भारत बने भारत अभियान के तहत बच्चों काे स्वदेशी से जाेड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक स्तर पर हाेने वाले कार्यक्रमाें में बच्चों और युवाओंं काे पर्यावरण व जल संरक्षण और स्वदेशी से जाेड़ने के लिए जागरूक किया जाएगा। कार्यक्रम संयोजक अनूप जैन ने आचार्यश्री के तीन संकल्प हथकरघा वस्त्र, आयुर्वेद दवाओं के उपयाेग व भारत बने भारत अभियान की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आचार्यश्री के तीनाें संकल्पों काे अपनाने से भारत फिर विश्वगुरु बन जाएगा।

53वें दीक्षा दिवस पर मंदिरों में 108 कलश से हुई शांतिधारा

दिगंबर जैन समाज द्वारा आचार्य विद्यासागर के 53वें दीक्षा दिवस पर गुरुवार काे जैन मंदिरों में विश्व कल्याण की भवना के साथ 108 कलशों से शांतिधारा कर अाचार्यश्री का पूजन किया। घराें में भी विशेष पूजन हुआ। लाेगाें ने आचार्य टीवी पर संत सुधा सागर व प्रमाण सागर द्वारा बताई गई विधि से आचार्यश्री का पूजन किया। काेराेना के चलते मंदिरों में कुछ ही लाेग पहुंचे।



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Initiatives to engage in children's education, environmental protection and Ayurveda since childhood


source https://www.bhaskar.com/local/mp/hoshangabad/harda/news/initiatives-to-engage-in-childrens-education-environmental-protection-and-ayurveda-since-childhood-127448673.html

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