Friday, June 5, 2020

पिछले पांच साल से ज्यादा समय से उद्योगपतियों और नगर निगम के बीच चली आ रही लड़ाई समाप्त

अब नगर निगम उद्योगों से संपत्तिकर नहीं वसूल सकेगा। सूक्ष्म लघु एवं मध्यम विभाग ने इसके आदेश जारी किए हैं। इससे उद्योगपतियों को बड़ी राहत मिली है और संपत्तिकर को लेकर पिछले पांच साल से ज्यादा समय से उद्योगपति और नगर निगम के बीच चली आ रही लड़ाई समाप्त हो गई है।

नगर निगम उद्योगपतियों से संपत्तिकर मांगता था। निगम का कहना था कि चूंकि उद्योग शहरी क्षेत्र में आते हैं। इससे उद्योगपति हमें संपत्ति कर चुकाए। वहीं उद्योगपतियों का कहना था कि जमीन हमारी नहीं है। हमने लीज पर ले रखी है। संपत्ति कर क्यों चुकाए। शासन से संपत्ति कर वसूलो।

संपत्तिकर के अलावा हम प्रकाशकर और जलकर चुकाने को तैयार हैं। संपत्तिकर को लेकर कई बार उद्योगपतियों और नगर निगम के अधिकारियों के बीच बैठक भी हुई। लेकिन हमेशा यह बेनतीजा रही। इससे औद्योगिक क्षेत्र का विकास अटक गया था। अब सूक्ष्म लघु एवं मध्यम विभाग के आदेश से उद्योगों को राहत मिली है। इससे औद्योगिक क्षेत्र का विकास हो सकेगा।

आदेश में यह भी लिखा है कि उद्योगपति संपत्तिकर को छोड़कर सफाई, पानी का शुल्क अदाकर नगर निगम से ये सुविधा हासिल कर सकते हैं। इस आदेश से शहर के 200 से ज्यादा उद्योगों को राहत मिली है।

उद्योगपति सुविधा शुल्क देने को तैयार
संभागीय उद्योग संघ के अरिहंत पोरवाल ने बताया कि संघ इसके लिए पांच साल से लड़ रहा था। हमारा कहना था कि जब हमने जमीन सरकार से लीज पर ले रखी है और हम किरायेदार हैं तो संपत्तिकर क्यों भरें। शासन के आदेश से उद्योगपतियों को बड़ी राहत मिली है। उद्योगपति उद्योगों को मिलने वाली सुविधा के लिए शुल्क देने को तैयार हैं।

ये होगा फायदा : उद्योगपतियों को पीने और उद्योगों के लिए पानी की समस्या नहीं रहेगी

  • चूंकि उद्योगपतियों ने जमीन शासन से लीज पर ले रखी है। इससे वे संपत्तिकर नहीं चुकाते थे। इस पर निगम भी औद्योगिक क्षेत्र में कोई सुविधा मुहैया नहीं कराता था। निगम का हमेशा यही बहाना रहता था कि उद्योगपति संपत्तिकर नहीं चुकाते हैं। इससे हम काम क्यों करें। अब निगम के अधिकारी किसी प्रकार का कोई बहाना नहीं बना सकेंगे।
  • औद्योगिक क्षेत्र में सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। इस फैसले के बाद सफाई हो सकेगी।
  • औद्योगिक क्षेत्र में पानी की व्यवस्था नहीं है। उद्योगपतियों को पीने के लिए और उद्योगों के लिए पानी खरीदना पड़ता है। अब पानी भी मिल सकेगा।
  • स्ट्रीट लाइट की सुविधा मिलेगी। इससे औद्योगिक क्षेत्र में छाया अंधेरा दूर होगा।


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
The fight between industrialists and the municipal corporation for more than five years has ended


source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/news/the-fight-between-industrialists-and-the-municipal-corporation-for-more-than-five-years-has-ended-127379817.html

No comments:

Post a Comment