Thursday, June 25, 2020

कागजों में.. ट्रेंचिंग ग्राउंड पर कचरे का पहाड़ खत्म करेंगे, हकीकत.. 5 साल से रोजाना वहीं डाल रहे हैं 40 टन कचरा

स्वच्छता अभियान के पांच साल से अधिक बीतने के बाद भी ग्वालटाेली Qर ईदगाह माेहल्ले के बीच खोजनपुर के ट्रेंचिंग ग्राउंड में एकत्र कचरे के पहाड़ एक इंच कम नहीं हो सका। उलटे रोजाना वहीं पर 40 टन नया कचरा उंड़ेल दिया जाता है। आसपास के 4 वार्डाें के लाेग गंदगी और बदबू के कारण परेशान हैं। ट्रेंचिंग ग्राउंड में राेजाना 40 टन कचरा डंप किया जा रहा है। सूखा-गीले कचरा अलग करने का काम भी ठीक से नहीं हुआ जबकि इंदाैर तो छोड़िए, होशंगाबाद संभाग की छाेटी सी मुलताई नगरपालिका ने ट्रेचिंग ग्राउंड का कचरा खत्म कर उस जगह को खूबसूरत बगीचे में बदल दिया है। अब तक करीब 6 टन से अधिक खाद बनाकर विक्रय भी कर दिया है। इंदौर, उज्जैन और देवास में पदस्थ रहे वरिष्ठ प्रशासनिक अफसर ने बताया हाेशंगाबाद नपा रेमिडेशन प्राेसेस अपनाए ताे कचरे के पहाड़ ताे हटेंगे ही, अाय भी हाेगी। पुराने कचरे को टेंडर करके रेमिडेशन पर देकर खत्म किया जा सकता है, इससे खरीदार उलटे नगर पालिका को रुपए देगा। नए कचरे काे अलग-अलग कर खाद बना सकती है। लाेहे, प्लास्टिक जैसे धातु काे अलग करके कबाड़ में बेचने से भी आय होती है। पिट में खाद आसानी से बन सकता है।

गीला-सूखा कचरा अलग करने वाली मशीनें बंद

नपा ने ट्रेंचिंग ग्राउंड पर कचरे के निष्पादन और गीला-सूखा कचरा अलग करने के लिए एक हाउस बनाया है, लेकिन यहां की मशीनें काम नहीं कर रहीं है। मैदान इतना भर चुका है कि इसमें कचरा अलग करने के लिए जगह नहीं बची है।

बाबई में 62 कराेड़ से बनना था चार जिलों का क्लस्टर
2016-17 में 62 कराेड़ से हरदा, बैतूल, रायसेन और हाेशंगाबाद जिले की 14 नपा और नगर परिषदाें का एक क्लस्टर बनने का प्रस्ताव फाइनल हुआ था। बाबई में ट्रेचिंग ग्राउंड के लिए भूमि तलाशी थी। अब यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में हैं।

रोज भोग रहे परेशानी : बीमार हो रहे आसपास के लोग

1 ग्वालटाेली वार्ड 32 निवासी महेश पांडे ने बताया उनकी पत्नी और बच्चे ट्रेचिंग ग्राउंड की गंदगी के कारण बीमार हाे रहे हैं। कचरा जलने से धुआं आता है।

2 वार्ड 30 के भूपेश थापक ने बताया ट्रेचिंग ग्राउंड का कचरा नष्ट करने के लिए नपा और कलेक्टाेरेट में कई बार ज्ञापन दिया। कोई हल नहीं निकला।

3वार्ड 31 के मिथलेश नरवरे ने बताया ट्रेचिंग ग्राउंड के कचरे के कारण मुख्य मार्ग से आवागमन बंद हाे जाता है। कचरा जलने से उठने वाला धुआं काफी घातक है।

क्लस्टर बनाकर बाबई में प्लांट डालने की अनुमति दे मिली थी। तकनीकी कारणाें से टेंडर निरस्त हुए। कांग्रेस सरकार आई तो याेजना ठंडे बस्ते में चली गई। सीएम शिवराज सिंह से मिलकर इसका क्रियान्यवन कराएंगे।
- अखिलेश खंडेलवाल, पूर्व नपाध्यक्ष

ट्रेंचिंग ग्राउंड के लिए 20 एकड़ भूमि की मांग तहसीलदार के माध्यम से जिला प्रशासन से की है। जगह कम है फिर भी कचरे काे नष्ट कर रहे हैं।
माधुरी शर्मा, सीएमओ

बाबई में क्लस्टर ट्रेंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए शासन स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। बाबई में भूमि प्रस्तावित है। कचरा निष्पादन के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- डाॅ. सीतासरन शर्मा, विधायक

कचरा भी खत्म, आय भी होगी

मालवा की एक नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया रेमिडेशन प्राेसेस के माध्यम से पुराने कचरे का समाप्त किया जा सकता है। इसके लिए नए कचरे को यहां मिलने से रोकना होगा। बड़े छलने लगाकर पुराने कचरे को अलग-अलग किया जा सकता है क्योंकि बरसों से जमा कचरे का बड़ा हिस्सा स्वत: ही खाद बन चुका होता है, छलने से वह तुरंत गिरकर अलग होगा। नपा ठेका दे सकती है और आय प्राप्त कर सकती है। ठेका कंपनियां कचरे से मिले लाेहे, प्लास्टिक व खाद को बेचती हैं।



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होशंगाबाद। खोजनपुर स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरे के इस तरह पहाड़ से बन गए हैं। कचरे की बदबू से लोगों का रहना मुश्किल हो रहा है


source https://www.bhaskar.com/local/mp/hoshangabad/news/in-paper-will-eliminate-mountain-of-garbage-on-trenching-ground-reality-are-putting-40-tons-of-garbage-there-every-day-for-5-years-127448693.html

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