Monday, May 11, 2020

समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए किसानों काे स्वयं लाना पड़ रहा हम्माल, तब हाे रही तुलाई

इस साल जिले में कई गेहूं खरीदी केंद्राें पर सरकार काे समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए किसानों ही भागदाैड़ व माथा पच्ची करनी पड़ रही है। 15 दिन काम करने के बाद भी हम्माली नहीं मिली, ताे मजदूर भाग गए। अब बड़े किसान 5 से 8 दिन के इंतजार के बाद खुद के यहां काम करने वाले मजदूरों व दूसरे गांवाें से मजदूर लाकर अपने हाथ से बाेरे भर रहे हैं। माैसम बिगड़ने से किसानों की चिंता बढ़ी है। उस पर समितियों की ज्यादा गेहूं लेने की जिद पर प्रशासन राेक नहीं लगा पा रहा है। इस साल 50 केंद्र ज्यादा बढ़े हैं, लेकिन ट्रांसपाेटर्स ने ट्रक नहीं बढ़ाए, इससे गेहूं केंद्राें पर भीग रहा है। प्रशासन 25 मई तक 5 लाख मीट्रिक टन खरीदी पूरी करने का दावा कर रहा है।
15 अप्रैल से खरीदी शुरू हुई। 30 अप्रैल तक खरीदी ठीक चली। फिर करीब 2 कराेड़ का पेमेंट अटका। मजदूर काम छाेड़कर चले गए। प्रशासन 99 प्रतिशत किसानों काे मैसेज भेज चुका है। किसानों का इंतजार बढ़ रहा है। वे गेहूं ला रहे हैं। केंद्र पर समिति वालाें से राेज जल्दी ताैल काे लेकर बहस हाे रही है। हम्मालों का टाेटा हाेने से पहले से खरीदा गेहूं केंद्राें पर खुला व बाेरियाें में पड़ा है।

परिवहन नहीं होने पर नुकसान की आशंका है
जिले में 43872 किसानों में से 43505 काे मैसेज पहुंच चुके। 34314 किसान गेंहू बेच चुके। इनसे 352762 मीट्रिक टन की खरीदी हुई। 298204 मीट्रिक टन परिवहन हुआ। बीते साल 105 खरीदी केंद्र थे। इस बार 50 केंद्र बढ़े, लेकिन परिवहन करने ट्रक नहीं बढ़े। 54558 क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है। रविवार रात बिगड़े माैसम से कुछ केंद्राें पर गेेहूं भीगा है। परिवहन में अतिरिक्त ट्रक नहीं लगाने पर आगे भी नुकसान की आशंका है।

अनुराग वर्मा,कलेक्टर, हरद ने कहा-22 से 25 मई तक खरीदी लगभग पूरी हाे जाएगी
हम्मालाें की कमी से खरीदी, परिवहन की गति प्रभावित हुई। छाेेटे किसानों का गेहूं तुल चुका। अब बड़े रकबे वाले किसानों का चल रहा है। 22 से 25 मई तक खरीदी लगभग पूरी हाे जाएगी। जहां खरीदी पूरी हाे गई, वहां केंद्र बंद हाेने से शेष बड़े सेंटराें पर परिवहन तेजी से हाेने लगेगा।



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Farmers have to bring their own to sell wheat on support price, then weighed down


source https://www.bhaskar.com/local/mp/hoshangabad/harda/news/farmers-have-to-bring-their-own-to-sell-wheat-on-support-price-then-weighed-down-127293078.html

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