Wednesday, May 13, 2020

राशन बांटने गए तो महिलाओं ने मांगा काम, कहा- मुफ्त नहीं लेंगे

राेजाना मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पाेषण करने वाले परिवार लाॅकडाउन की वजह से मजदूरी पर नहीं जा पा रहे हैं। इससे उनके सामने आर्थिक तंगी आने लगी थी। इसे लेकर शहर के युवा व्यवसायी दीपेश गाैतम ने ऐसे मजदूर परिवारों काे राेजगार देने का अभिनव कदम उठाया। दीपेश ने हम्माल, राज मिस्त्री सहित अन्य लाेग जाे प्रतिदिन मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पाेषण कर रहे थे। ऐसे 10 घराें की महिलाओं काे कपड़े के मास्क बनाने का काम साैंपा, ताकि उन्हें लाॅकडाउन में राशि मिल जाए और लोगों काे मास्क का वितरण हाे सके।
अब तक बांट चुके है 9 हजार मास्क- दीपेश मास्क के लिए महिलाओं काे सामाग्री देते हैं। साथ ही प्रति मास्क 1 रुपए की राशि भी दे रहे हैं। इन मास्क का वितरण दीपेश द्वारा शहरभर में किया जा रहा है। अब तक दीपेश 9 हजार मास्क का वितरण नि:शुल्क कर चुके हैं। दीपेश के मुताबिक 15 हजार मास्क बन चुके हैं, जिनका वितरण वह लगातार कर रहे हैं। इसके अलावा दीपेश द्वारा जरूरतमंदाें काे राशन किट भी उपलब्ध कराई गई है।
रोज 300 से 400 मास्क बना रही महिलाएं
दीपेश ने बताया कि लाॅकडाउन के दाैरान आर्थिक तंगी से गुजर रही महिलाओं काे राशन किट देने पहुंचे थे, तब महिलाओं ने कहा कि हमें फ्री का राशन नहीं चाहिए, काेई घर बैठे ही काम हाे सके ताे वह बता दीजिए। इस पर दीपेश ने मास्क बनाने का काम इन महिलाओं काे साैंपा। 10 परिवाराें की महिलाओं काे मास्क बनाने की सामाग्री दी। प्रति महिला 300-400 मास्क राेज बना देती है और उन्हें प्रति 1 रुपए के मान से मास्क की राशि दीपेश देते हैं।



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When women went to distribute rations, they asked for work, said - will not take free


source https://www.bhaskar.com/local/mp/ujjain/nagda/news/when-women-went-to-distribute-rations-they-asked-for-work-said-will-not-take-free-127299618.html

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